सुंदरता के बारे में बाइबल क्या कहती है?
सुंदरता पर प्रमुख शास्त्र और आध्यात्मिक मार्गदर्शन
बाइबल कई स्थानों पर सौंदर्य के विषय में चर्चा करती है।... (3-4 paragraphs)
सुंदरता के बारे में बाइबल के पद
1 पतरसीya वाचन 3:3–4ERV
“और तुम्हारा श्रृंगार दिखावटी न हो, अर्थात् बाल गूँथने, और सोने के गहने, या भाँति-भाँति के कपड़े पहनना। वरन् तुम्हारा छिपा हुआ और गुप्त मनुष्यत्व, नम्रता और मन की दीनता की अविनाशी सजावट से सुसज्जित रहे, क्योंकि परमेश्वर की दृष्टि में इसका मूल्य बड़ा है।”
नीतिवचन 31:30ERV
“शोभा तो झूठी और सुन्दरता व्यर्थ है,”
भजन - Bhajan 45:11ERV
“और राजा तेरे रूप की चाह करेगा।”
1 समुएल 16:7ERV
“परन्तु यहोवा ने शमूएल से कहा, “न तो उसके रूप पर दृष्टि कर, और न उसके कद की ऊँचाई पर, क्योंकि मैंने उसे अयोग्य जाना है; क्योंकि यहोवा का देखना मनुष्य का सा नहीं है; मनुष्य तो बाहर का रूप देखता है, परन्तु यहोवा की दृष्टि मन पर रहती है।””
श्रृंगार गीत (Shringar Geet) 4:7ERV
“हे मेरी प्रिय तू सर्वांग सुन्दरी है;”
नीतिवचन 31:25ERV
“वह बल और प्रताप का पहरावा पहने रहती है,”
1 कुरिन्थीयों 15:10ERV
“परन्तु मैं जो कुछ भी हूँ, परमेश्वर के अनुग्रह से हूँ। और उसका अनुग्रह जो मुझ पर हुआ, वह व्यर्थ नहीं हुआ परन्तु मैंने उन सबसे बढ़कर परिश्रम भी किया तो भी यह मेरी ओर से नहीं हुआ परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह से जो मुझ पर था।”