What Does the Bible Say About Friendship?
Key Scriptures and spiritual guidance on friendship
बाइबल में मित्रता के विषय में कई स्थानों पर व्याख्यान है। मित्रता एक गंभीर और महत्वपूर्ण रिश्ता है जिसे प्रारंभ से ही प्राप्त किया गया है। यहाँ दोस्तों के बीच साझेदारी, समर्थन और स्नेह की महत्वपूर्णता की चर्चा की गई है।
Bible Verses About Friendship
Proverbs 17:17
“मित्र अगर सच्चा हो, तो वह और भी घनिष्ठ होता है। वह दुःख का भाग करने के लिए पैदा होता है।”
Proverbs 18:24
“कोई शत्रु ऐसा नहीं होता जो दोस्त बना ले; वह दोस्त से भी और घनिष्ठ होता है।”
Proverbs 27:9
“तू अपने मित्र का मन कान में डालकर उसका सलाह ले; फिर भी, तू अपने आत्मा का रहस्य उस से छुपा देना।”
Ecclesiastes 4:9-10
“दो लोग भले रहेंगे जो एक साथ काम करें, क्योंकि उनका श्रम की वजह से अच्छा फल मिलता है। यदि कोई गिर पड़े, तो उसे कौन उठाएगा?”
Proverbs 27:17
“एक आध्यात्मिक मित्र, जो तू अपने भाई के समान मान, तूको अच्छा बनाए रखेगा।”
Proverbs 13:20
“जो चलते हुए साथी का साथ देता है वह बुरा होगा, परन्तु जो ज्ञानियों के साथ चलता है वह बुद्धिमान होगा।”
1 Samuel 18:1
“योनाथन ने दाऊद से एक ऐसा आपसी स्नेह किया, जैसा अपने आप को किया।”