What Does the Bible Say About Sexuality?
Key Scriptures and spiritual guidance on sexuality
बाइबल बहुत से स्थानों पर सेक्सुअलिटी पर विचार करती है। प्रारंभ में, भगवान ने पुरुष और महिला को एकता में एक साथ आने के लिए सृष्टि किया था। संगीत गाने, स्पर्श और सम्पर्क के माध्यम से पति-पत्नी के बीच यह सम्बंध व्यक्त किए गए हैं। बाइबल शादी को पवित्र मानती है और साथी के साथ एकता और समानता को महत्व देती है।
Bible Verses About Sexuality
Genesis 2:24
“पुरुष अपने पिता और माँ को छोड़कर अपनी पत्नी के साथ एक हो जाता है, और उन दोनों का एक शरीर है।”
1 Corinthians 7:3-5
“शरीर एक-दूसरे के अधीन हैं। इसलिए पति अपनी पत्नी के शरीर का स्वामी न होकर, अपनी पत्नी का सम्मान करे।”
Hebrews 13:4
“विवाह पवित्र है। सभी लोगों को विवाहीत जीवन में पवित्रता बरकरार रखनी चाहिए।”
1 Thessalonians 4:3-5
“यहोवा में पवित्रता के लिए आपको यही इच्छा करनी चाहिए कि किसी से किसी प्रकार का अपवित्र संबंध न रखें।”
Matthew 19:5
“और उन्होंने कहा, 'इसलिए पुरुष अपने पिता और माँ को छोड़कर अपनी पत्नी के साथ एक हो जाता है, और उन दोनों का एक शरीर है।'”
1 Corinthians 6:18
“परमेश्वर के मन्दिर में अपराध न करो। तुम्हारे शरीर को पवित्र आत्मा के मंदिर के रूप में स्थानीयता देने योग्य है।”
1 Corinthians 7:2
“पति के पत्नी के योग्य है और पत्नी के पति के योग्य है।”