What Does the Bible Say About Sin?
Key Scriptures and spiritual guidance on sin
बाइबल बहुत से स्थानों पर पाप के विषय में बात करती है। पाप का अर्थ है हमारी दिव्य स्वभाव से भिन्नता, भगवान के सामने अपराध करना। पाप हमारे और हमारे परिवार के जीवन को प्रभावित कर सकता है, लेकिन बाइबल में यह भी बताया गया है कि हम इसका परामर्श और माफी प्राप्त कर सकते हैं।
Bible Verses About Sin
Romans 3:23
“सभी पाप करते हैं और भगवान की महिमा से वंचित हो जाते हैं।”
Romans 6:23
“पाप का परिणाम मौत है, परन्तु परमेश्वर का दान अनन्त जीवन में मसीह यीशु हमारे प्रभु में।”
1 John 1:9
“हम अपने पापों को स्वीकार करते हैं, तो उहां सच्चाई और न्यायवादी होकर हमारे पापों से हमें शुद्ध कर देता है।”
James 4:17
“जो जानकर अच्छा करने का काम नहीं करता, वह पाप करता है।”
1 John 3:4
“पाप अर्थात हमारी विरोधी प्राकृतिक विधाओं का अनुसरण करना।”
Psalm 51:10
“हे परमेश्वर, मुझे एक पवित्र ह्रदय और एक नया आत्मा प्रदान कर।”
Proverbs 28:13
“जो अपने पापों को छुपाता है, वह सफल नहीं होगा। परन्तु उसको छोड़ देने वाला और उनको छोड़ने वाला क्रुपा पाएगा।”