ईश्वर पर विश्वास के बारे में बाइबल क्या कहती है?
ईश्वर पर विश्वास पर प्रमुख शास्त्र और आध्यात्मिक मार्गदर्शन
बाइबल बहुत स्थानों पर परमेश्वर पर भरोसा करने के बारे में बात करती है। परमेश्वर के प्रति विश्वास रखना हमारे जीवन में महत्वपूर्ण है और हमें उसके वचनों का पालन करने का संदेश देती है। जब हम परमेश्वर पर भरोसा करते हैं, वह हमें निराश नहीं करता और हमें अपने निर्णयों के समय पर सहायता करता है।
ईश्वर पर विश्वास के बारे में बाइबल के पद
नीतिवचन 3:5–6ERV
“तू अपनी समझ का सहारा न लेना, उसी को स्मरण करके सब काम करना,”
भजन - Bhajan 37:5ERV
“अपने मार्ग की चिन्ता यहोवा पर छोड़;”
यशायाह 26:3ERV
“जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है।”
भजन - Bhajan 9:10ERV
“और तेरे नाम के जाननेवाले तुझ पर भरोसा रखेंगे,”
भजन - Bhajan 56:3–4ERV
“जिस समय मुझे डर लगेगा, परमेश्वर की सहायता से मैं उसके वचन की प्रशंसा करूँगा,”
भजन - Bhajan 31:14ERV
“परन्तु हे यहोवा, मैंने तो तुझी पर भरोसा रखा है,”
यर्मियाह 17:7–8ERV
““धन्य है वह पुरुष जो यहोवा पर भरोसा रखता है, जिसने परमेश्वर को अपना आधार माना हो। वह उस वृक्ष के समान होगा जो नदी के किनारे पर लगा हो और उसकी जड़ जल के पास फैली हो; जब धूप होगा तब उसको न लगेगा, उसके पत्ते हरे रहेंगे, और सूखे वर्ष में भी उनके विषय में कुछ चिन्ता न होगी, क्योंकि वह तब भी फलता रहेगा।””