
ईशी की कहानी
ईशी एक धार्मिक चित्र थे जिन्होंने 8वीं सदी पू॰ में जीते थे। वे इस्राएली नेता जोशुआ के पुत्र थे, और मूसा के पोते थे। उनको भविष्यवाणी के भूमिका में सबसे अधिक पहचाना जाता है। उन्होंने इस्राएलियों का कनान के भूमि पर विजय प्राप्त करने में नेतृत्व किया, और इस्राएल के राज्य की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे अपने देशवासियों द्वारा सम्मानित एक बहादुर और साहसी नेता थे। उनकी साहस और धर्म रक्षा में उनकी विशेषताएँ थीं। उन्होंने जोशुआ और मूसा से परामर्श के लिए अक्सर सम्पर्क किया था। उनके न सहोदर थे, परन्तु उनके दो पुत्र ओथ्नीएल और कालेब थे। उनके दो पुत्र के नाम दोनों पुरोहित थे। वे भविष्यवाणी के भूमिका में सबसे अधिक पहचाने जाते हैं। उन्होंने इस्राएलियों का कनान के भूमि पर विजय प्राप्त किया और इस्राएल के राज्य की स्थापना में सहायक साबित हुए। वे अपने धर्म और अपने लोगों के प्रति साहस और वफादारी के लिए भी याद किए जाते हैं।
नाम का अर्थ
In Hindi, the name "Ishi" can be translated as "पति" which means "husband" or "शिकार" which means "prey."
नाम की उत्पत्ति
हिब्रू
Role
स्थिति धारित करना: नहीं।
पहली बार उल्लेख
Joshua 19:20
बाइबिल में उपस्थिति
21 उल्लेख
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