यरूशलेम - स्थान: यरूशलेम

यरूशलेम कौन था?

पावित्र शहर का भागवान्

स्थान: यरूशलेम

यरूशलेम की कहानी

यरूशलेम एक धार्मिक चरित्र है जिनका सबसे अधिक चरित्र तीन प्रमुख इब्राहीमी धर्मों: यहूदीधर्म, ईसाई धर्म और इस्लाम की पवित्र नगरी होने के लिए मशहूर है। यह पुराने सुलेमान मंदिर, यीशु के जन्मस्थल और दोम ऑफ़ द रॉक की स्थली है। जेरूसलेम का माना जाता है कि इसे 10 वीं सदी पूर्व में राजा दाऊद ने स्थापित किया था। उन्होंने इसे इस्राइल और यहूदा के राज्य की राजधानी बनाया और 586 ईसा पूर्व बाबिली निर्वासन तक राजधानी रही। निर्वासन के बाद, जेरूसलेम को कई प्राचीन राज्यों ने राज किया, जैसे पर्शियन, ग्रीक, रोमन और मुसलमान। यह नगर यीशु के जीवन से भी जुड़ा हुआ है। नए टेस्टामेंट के अनुसार, यीशु बेतलहेम में जन्मे थे, जेरूसलेम के बाहर, और उन्होंने अपने जीवन का अधिकांश समय उस नगर में बिताया। उनका दण्डयात्रा जेरूसलेम में हुआ था, और उनका पुनर्जन्म कहा जाता है कि वहाँ होता है। यरूशलेम भी यहूदी धर्म की पवित्रतम स्थली के रूप में जाना जाता है। इसे पुराने सुलेमान मंदिर की स्थली माना जाता है, और यह इस्लाम की तीसरी पवित्रतम स्थली दोम ऑफ द रॉक की स्थली है। यरूशलेम धर्मिक और ऐतिहासिक महत्व का चित्र है, और यह बहुत से लोगों के लिए शांति और एकता का प्रतीक है। हजारों लोग हर साल इस जगह की तीर्थयात्रा करते हैं, और यह बहुतों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

नाम का अर्थ

यरूशलेम का नाम मुलायम जड़ों से आता है और एक बहुप्रदेशिक अर्थ है। इसका शब्दविज्ञान व्यापक रूप से यह सोचा जाता है कि यह दो प्राचीन सेमीटिक शब्दों का सम्मिश्रण है: "येरू" (या "यारा"), जिसका संभावित अर्थ "संस्थापन" या "बसेरा" है, और "शालेम" (या "सालेम"), जिसे अक्सर "शांति" से जोड़ा जाता है। इसलिए, यरूशलेम का सामान्य रूप से अर्थ होता है "शांति का शहर" या "शांति का संस्थान"।

नाम की उत्पत्ति

हिब्रू

Role

स्थान: यरूशलेम

पहली बार उल्लेख

Joshua 10:1

बाइबिल में उपस्थिति

767 उल्लेख

BiblePics ऐप पर उपलब्ध

यरूशलेम के साथ बातचीत करें

यरूशलेम से प्रश्न पूछें, ज्ञान की तलाश करें और AI-संचालित बातचीत के माध्यम से उनकी कहानी जानें। चैट शुरू करने के लिए BiblePics ऐप डाउनलोड करें।

Suggest a feature

Have an idea to make BiblePics better? We'd love to hear it.