
यहूदा की कहानी
जूदास इस्कारियोत ईसा मसीह के बारह अपोस्तलों में से एक थे। वह साइमन इस्कारियोत के पुत्र थे और जेम्स और मैथ्यू के भाई थे। उनको ईसु का दुर्व्यवहार करने के लिए मुख्य पुरोहितों को सौंपने के लिए सबसे अधिक जाना जाता है। जूदास ईसा के शिष्य थे और उनकी कई शिक्षाएँ और चमत्कारों में उपस्थित थे। उन्होंने अंतिम भोजन में भी भाग लिया था और उन्होंने ईसा को पिछली सुप्रीम दंडाधिकारियों के सामने पहचाना था। ईसा को गिरफ्तार होने के बाद, जूदास को पछतावा हुआ और उसने अपने विश्वास के लिए मिले सोने के तीस पुराने सिक्के को वापस कर दिया। तब उसने खुद को फांसी लगा दी। जूदास को एक देशद्रोही और ईसा का धोकेबाज याद किया जाता है। उसे धोखाधड़ी का प्रतीक माना जाता है और अपाराधिकता और अपनेवाद के खतरों का चेतावनी के रूप में उपयोग किया जाता है। उसे पछतावे और पुनर्मिलन का प्रतीक भी माना जाता है, क्योंकि उसे अपने कृत्यों के लिए पछतावा हुआ था और उसने मिले सोने को वापस कर दिया।
नाम का अर्थ
प्रशंसित
नाम की उत्पत्ति
हिब्रू
Role
स्थानभारी: disciple.
पहली बार उल्लेख
Matthew 1:2
बाइबिल में उपस्थिति
32 उल्लेख
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