
मेष की कहानी
मीशा एक धार्मिक चित्र था जिसे उसकी भूमिका के लिए सबसे अधिक जाना जाता है, वो इस्राइल के राज्य के खिलाफ मोएबिट विद्रोह में। उसके पिता राजा केमोश-मेलेक के थे और वह जोबाह के राजा हादादेज़र के भाई थे। उसे 9वीं सदी पूर्व ईसा पूर्व में ईस्राइल के राज्य के खिलाफ मोएबिट विद्रोह की अगुआई का श्रेय जाता है। मीशा ने ईस्राइलियों को मोएब से बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की और अपने लोगों के लिए भूमि को पुनः प्राप्त किया। उसे भगवान केमोश के प्रति समर्पित होने के लिए भी जाना जाता है। उसने केमोश के लिए मंदिर बनाया और पूजा की। उसने एक स्तूप, या पत्थरी प्रतिमा, भव्य भव्य ईस्राइलियों पर विजय के साथ अहसास कराने के लिए स्थापित कर दी। इस स्तूप को मीशा स्तूप के रूप में जाना जाता है और यह मध्य पूर्व में सबसे महत्वपूर्ण भौतिकी खोजों में से एक है। मीशा को उसके जनता और उनकी स्वतंत्रता के लिए लड़ने वाले एक बहादुर नेता के रूप में याद किया जाता है। वह मध्य पूर्व के इतिहास में एक महत्वपूर्ण चरित्र है और उसकी विरासत मीशा स्तूप में भी बनी रहती है।
नाम का अर्थ
मेष: यह नाम हिंदी में "राम" का अर्थ है।
नाम की उत्पत्ति
संस्कृत
Role
राजा
पहली बार उल्लेख
Genesis 10:30
बाइबिल में उपस्थिति
18 उल्लेख
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