2 यूहन्ना

मसीह में स्नेहिता

2 यूहन्ना की दूसरी पत्रिका, जिसे दूसरी यूहन्ना के पत्र या दूसरी यूहन्ना भी कहा जाता है, बाइबिल का नया संदेश है। यह एक लिखित पत्र है जो यीशु के एक शिष्य यूहन्ना से एक समूह विश्वासियों के लिए है। दूसरी यूहन्ना पत्र यीशु के आपसी विश्वास के स्वरूप और भगवान को प्रसन्न करने वाले जीवन के महत्व के बारे में विभिन्न विषयों पर चर्चा करता है। इस पत्र में यूहन्ना के अलावा योहन्ना के पत्र के अधिकारी भी शामिल हैं। इस पत्र में भगवान और उसकी क्रियाओं के भी कई संदेश शामिल हैं, साथ ही उस पर विश्वास और निर्भरता के व्यक्तिगत अभिव्यक्तियाँ भी हैं।

व्याख्या

1 अध्याय
2 यूहन्ना की दूसरी पत्रिका, जिसे दूसरी यूहन्ना के पत्र या दूसरी यूहन्ना भी कहा जाता है, बाइबिल का नया संदेश है। यह एक लिखित पत्र है जो यीशु के एक शिष्य यूहन्ना से एक समूह विश्वासियों के लिए है। दूसरी यूहन्ना पत्र यीशु के आपसी विश्वास के स्वरूप और भगवान को प्रसन्न करने वाले जीवन के महत्व के बारे में विभिन्न विषयों पर चर्चा करता है। इस पत्र में यूहन्ना के अलावा योहन्ना के पत्र के अधिकारी भी शामिल हैं। इस पत्र में भगवान और उसकी क्रियाओं के भी कई संदेश शामिल हैं, साथ ही उस पर विश्वास और निर्भरता के व्यक्तिगत अभिव्यक्तियाँ भी हैं।

Biblical figures

Key figures in 2 यूहन्ना