यहेजकेल 19:9
“तब वे उसके नकेल डालकर और कठघरे में बन्द करके बाबेल के राजा के पास ले गए, और गढ़ में बन्द किया, कि उसका बोल इस्राएल के पहाड़ी देश में फिर सुनाई न दे।”
संदर्भ: यहेजकेल 19
7उसने उनके भवनों को बिगाड़ा, और उनके नगरों को उजाड़ा वरन् उसके गरजने के डर के मारे देश और जो कुछ उसमें था सब उजड़ गया।
8तब चारों ओर के जाति-जाति के लोग अपने-अपने प्रान्त से उसके विरुद्ध निकल आए, और उसके लिये जाल लगाया; और वह उनके खोदे हुए गड्ढे में फंस गया।
9तब वे उसके नकेल डालकर और कठघरे में बन्द करके बाबेल के राजा के पास ले गए, और गढ़ में बन्द किया, कि उसका बोल इस्राएल के पहाड़ी देश में फिर सुनाई न दे।
10“तेरी माता जिससे तू उत्पन्न हुआ, वह तट पर लगी हुई दाखलता के समान थी, और गहरे जल के कारण फलों और शाखाओं से भरी हुई थी।
11प्रभुता करनेवालों के राजदण्डों के लिये उसमें मोटी-मोटी टहनियाँ थीं; और उसकी ऊँचाई इतनी हुई कि वह बादलों के बीच तक पहुँची; और अपनी बहुत सी डालियों समेत बहुत ही लम्बी दिखाई पड़ी।
यहेजकेल 19 के बारे में: इजराईल के राजकुमारों के लिए विलाप

यहाँ एजेकियल अध्याय 19 की सारांश है: इस अध्याय में पैगंबर एक श्राद्ध शोक-गीत का उपयोग करते हैं ताकि वे इस्राएल के राजवंश के पतन की विलाप कर सकें। वे इस्राएल के राजा और राजकुमारों को एक शेरनी और उसके बच्चों की तुलना करते हैं, उनकी शक्ति और प्रमुखता को जोर देते हैं। हालांकि, उनकी घमंड और अवज्ञाता उनसे अंततः पतन की ओर ले जाती है, जैसे कि शेरनी अपने बच्चों और शक्ति को खो देती है।
व्याख्या
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