यहेजकेल 20:12

“फिर मैंने उनके लिये अपने विश्रामदिन ठहराए जो मेरे और उनके बीच चिन्ह ठहरें; कि वे जानें कि मैं यहोवा उनका पवित्र करनेवाला हूँ।”
— यहेजकेल 20:12 (Eliot Indian Bible)

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संदर्भ: यहेजकेल 20

10मैं उनको मिस्र देश से निकालकर जंगल में ले आया।

11वहाँ उनको मैंने अपनी विधियाँ बताई और अपने नियम भी बताए कि जो मनुष्य उनको माने, वह उनके कारण जीवित रहेगा।

12फिर मैंने उनके लिये अपने विश्रामदिन ठहराए जो मेरे और उनके बीच चिन्ह ठहरें; कि वे जानें कि मैं यहोवा उनका पवित्र करनेवाला हूँ।

13तो भी इस्राएल के घराने ने जंगल में मुझसे बलवा किया; वे मेरी विधियों पर न चले, और मेरे नियमों को तुच्छ जाना, जिन्हें यदि मनुष्य माने तो वह उनके कारण जीवित रहेगा; और उन्होंने मेरे विश्रामदिनों को अति अपवित्र किया। “तब मैंने कहा, मैं जंगल में इन पर अपनी जलजलाहट भड़काकर इनका अन्त कर डालूँगा।

14परन्तु मैंने अपने नाम के निमित्त ऐसा किया कि वे उन जातियों के सामने, जिनके देखते मैं उनको निकाल लाया था, अपवित्र न ठहरे।

यहेजकेल 20 के बारे में: इस्राएल पर भगवान का क्रोध और दया।

यहेजकेल 20: इस्राएल पर भगवान का क्रोध और दया।

यहूकेल के इस अध्याय 20 में, भगवान इस्राएल के ऊपर अपने प्रति बाघबाज़ी के इतिहास पर चर्चा करते हैं। वह विस्तार से बताते हैं कि इस्राएलियों ने झूठे भगवानों की पूजा की और पापी आचरण में प्रवृत्त हो गए जिससे उन्हें बाबिल में निर्वासन का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद, भगवान इस्राएल पर अपनी दया का प्रकट करते हैं और उन्हें अपनी मातृभूमि में पुनर्स्थापित करने और उनके पापों को क्षमा करने का वायदा करते हैं।

व्याख्या

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