आयुब 26
एलिफाज का जवाब
उत्तर: एलिफाज जवाब देते हैं, जॉब को अहंकारी ठहराते हुए और दावा करते हैं कि भगवान हमेशा पापी को दंडित करते हैं।

1 तब अय्यूब ने कहा,
2“निर्बल जन की तूने क्या ही बड़ी सहायता की,
3निर्बुद्धि मनुष्य को तूने क्या ही अच्छी सम्मति दी,
4तूने किसके हित के लिये बातें कही?
5“बहुत दिन के मरे हुए लोग भी
6अधोलोक उसके सामने उघड़ा रहता है,
7वह उत्तर दिशा को निराधार फैलाए रहता है,
8वह जल को अपनी काली घटाओं में बाँध रखता,
9वह अपने सिंहासन के सामने बादल फैलाकर
10उजियाले और अंधियारे के बीच जहाँ सीमा बंधा है,
11उसकी घुड़की से
12वह अपने बल से समुद्र को शान्त,
13उसकी आत्मा से आकाशमण्डल स्वच्छ हो जाता है,
14देखो, ये तो उसकी गति के किनारे ही हैं;
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