न्यायियों 12:9
“और उसके तीस बेटे हुए; और उसने अपनी तीस बेटियाँ बाहर विवाह दीं, और बाहर से अपने बेटों का विवाह करके तीस बहू ले आया। और वह इस्राएल का न्याय सात वर्ष तक करता रहा।”
संदर्भ: न्यायियों 12
7यिप्तह छः वर्ष तक इस्राएल का न्याय करता रहा। तब यिप्तह गिलादी मर गया, और उसको गिलाद के किसी नगर में मिट्टी दी गई।
8उसके बाद बैतलहम का निवासी इबसान इस्राएल का न्याय करने लगा।
9और उसके तीस बेटे हुए; और उसने अपनी तीस बेटियाँ बाहर विवाह दीं, और बाहर से अपने बेटों का विवाह करके तीस बहू ले आया। और वह इस्राएल का न्याय सात वर्ष तक करता रहा।
10तब इबसान मर गया, और उसको बैतलहम में मिट्टी दी गई।
11उसके बाद जबूलूनी एलोन इस्राएल का न्याय करने लगा; और वह इस्राएल का न्याय दस वर्ष तक करता रहा।
न्यायियों 12 के बारे में: जेफ्था का एफ्राइम के साथ संघर्ष

परिस्थितियों जज सह ईस्राएलियों को प्रलोभन अनुभव होता है और भगवान सैमसन का उत्थान करते हैं उन्हें छुड़ाने के लिए।
व्याख्या
जज्जो 12 जज्जो की पुरानी नियम पुस्तक में एक अध्याय है जो एफ्राइम और जेफ्था की कथा का वर्णन करता है। एफ्राइमियों ने जेफ्था की विरुद्ध लड़ाई में मदद करने से इनकार किया था, इसलिए जेफ्था ने उन पर हमला करके प्रतिक्रिया दी। एफ्राइमियों को हराया गया और जेफ्था की सेना ने उनमें से कई को मार दिया। अध्याय जेफ्था की विजय और एफ्राइमियों की हार के साथ समाप्त होता है।
यह अध्याय उसको समर्थन न करने के परिणामों को याद दिलाता है। एफ्राइमियों ने जेफ्था की विरुद्ध अमोनियों के खिलाफ उसकी युद्ध में मदद करने से इनकार किया, और इसके परिणामस्वरूप, उनको हराया गया और उनके कई लोग मारे गए। यह हमें एक चेतावनी देता है कि हमें हमेशा उन लोगों की मदद करने के लिए तैयार रहना चाहिए, चाहे यह हमारी अपनी सुविधा या सुरक्षा की खोज हो।