विलापग्रंथ 2

प्रभु का क्रोध

लामेन्तेशन का द्वितीय अध्याय: लेखक उदारपूर्वक दु:खी हैं कि भगवान की क्रोध की कठोरता जेरुसलम और उसके लोगों के विरुद्ध है।

एआई चित्रण: विलापग्रंथ 2
विलापग्रंथ 2
1यहोवा ने सिय्योन की पुत्री को किस प्रकार अपने कोप के बादलों से ढाँप दिया है!
2यहोवा ने याकूब की सब बस्तियों को निष्ठुरता से नष्ट किया है;
3उसने क्रोध में आकर इस्राएल के सींग को जड़ से काट डाला है;
4उसने शत्रु बनकर धनुष चढ़ाया, और बैरी बनकर दाहिना हाथ बढ़ाए हुए खड़ा है;
5यहोवा शत्रु बन गया, उसने इस्राएल को निगल लिया;
6उसने अपना मण्डप बारी के मचान के समान अचानक गिरा दिया,
7यहोवा ने अपनी वेदी मन से उतार दी,
8यहोवा ने सिय्योन की कुमारी की शहरपनाह तोड़ डालने की ठानी थी:
9उसके फाटक भूमि में धंस गए हैं, उनके बेंड़ों को उसने तोड़कर नाश किया।
10सिय्योन की पुत्री के पुरनिये भूमि पर चुपचाप बैठे हैं;
11मेरी आँखें आँसू बहाते-बहाते धुँधली पड़ गई हैं;
12वे अपनी-अपनी माता से रोकर कहते हैं,
13हे यरूशलेम की पुत्री, मैं तुझ से क्या कहूँ?
14तेरे भविष्यद्वक्ताओं ने दर्शन का दावा करके तुझ से व्यर्थ और मूर्खता की बातें कही हैं;
15सब बटोही तुझ पर ताली बजाते हैं;
16तेरे सब शत्रुओं ने तुझ पर मुँह पसारा है,
17यहोवा ने जो कुछ ठाना था वही किया भी है,
18वे प्रभु की ओर तन मन से पुकारते हैं!
19रात के हर पहर के आरम्भ में उठकर चिल्लाया कर!
20हे यहोवा दृष्टि कर, और ध्यान से देख कि तूने यह सब दुःख किस को दिया है?
21सड़कों में लड़के और बूढ़े दोनों भूमि पर पड़े हैं;
22तूने मेरे भय के कारणों को नियत पर्व की भीड़ के समान चारों ओर से बुलाया है;

ऐप में विलापग्रंथ 3 जारी रखें

मुफ़्त ऐप याद रखता है कि आप कहाँ रुके थे और आपकी पढ़ने की लगातार श्रृंखला बनाए रखता है, ताकि अगला अध्याय बस एक टैप दूर हो।

  • हर अध्याय के अंत में प्रश्नोत्तरी
  • पढ़ने का सिलसिला, ट्रॉफ़ियाँ और रोज़ाना रिमाइंडर
  • हर अध्याय चित्रों के साथ, ऑफ़लाइन भी
Download on the App StoreGet it on Google Play
4.7148 समीक्षाएँ

iPhone और Android पर मुफ़्त

Divider