भगवान बच्चे की जन्म के बाद शुद्धि के नियम देते हैं।
1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,
2“इस्राएलियों से कह: जो स्त्री गर्भवती हो और उसके लड़का हो, तो वह सात दिन तक अशुद्ध रहेगी; जिस प्रकार वह ऋतुमती होकर अशुद्ध रहा करती।
लैवीयतन् 12:3 - और आठवें दिन लड़के का खतना किया जाए।
3और आठवें दिन लड़के का खतना किया जाए।
4फिर वह स्त्री अपने शुद्ध करनेवाले रूधिर में तैंतीस दिन रहे; और जब तक उसके शुद्ध हो जाने के दिन पूरे न हों तब तक वह न तो किसी पवित्र वस्तु को छूए, और न पवित्रस्थान में प्रवेश करे।
5और यदि उसके लड़की पैदा हो, तो उसको ऋतुमती की सी अशुद्धता चौदह दिन की लगे; और फिर छियासठ दिन तक अपने शुद्ध करनेवाले रूधिर में रहे।
लैवीयतन् 12:6 - “जब उसके शुद्ध हो जाने के दिन पूरे हों, तब चाहे उसके बेटा हुआ हो चाहे बेटी, वह होमबलि के लिये एक वर्ष का भेड़ का बच्चा, और पापबलि के लिये कबूतरी का एक बच्चा या पिंडुकी मिलापवाले तम्बू के द्वार पर याजक के पास लाए।
6“जब उसके शुद्ध हो जाने के दिन पूरे हों, तब चाहे उसके बेटा हुआ हो चाहे बेटी, वह होमबलि के लिये एक वर्ष का भेड़ का बच्चा, और पापबलि के लिये कबूतरी का एक बच्चा या पिंडुकी मिलापवाले तम्बू के द्वार पर याजक के पास लाए।
7तब याजक उसको यहोवा के सामने भेंट चढ़ाकर उसके लिये प्रायश्चित करे; और वह अपने रूधिर के बहने की अशुद्धता से छूटकर शुद्ध ठहरेगी। जिस स्त्री के लड़का या लड़की उत्पन्न हो उसके लिये यही व्यवस्था है।
8और यदि उसके पास भेड़ या बकरी देने की पूँजी न हो, तो दो पिंडुकी या कबूतरी के दो बच्चे, एक तो होमबलि और दूसरा पापबलि के लिये दे; और याजक उसके लिये प्रायश्चित करे, तब वह शुद्ध ठहरेगी।”