1यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है;
5मैंने सकेती में परमेश्वर को पुकारा,
6यहोवा मेरी ओर है, मैं न डरूँगा।
7यहोवा मेरी ओर मेरे सहायक है;
10सब जातियों ने मुझ को घेर लिया है;
11उन्होंने मुझ को घेर लिया है, निःसन्देह, उन्होंने मुझे घेर लिया है;
12उन्होंने मुझे मधुमक्खियों के समान घेर लिया है,
13तूने मुझे बड़ा धक्का दिया तो था, कि मैं गिर पड़ूँ,
14परमेश्वर मेरा बल और भजन का विषय है;
15धर्मियों के तम्बुओं में जयजयकार और उद्धार की ध्वनि हो रही है,
16यहोवा का दाहिना हाथ महान हुआ है,
17मैं न मरूँगा वरन् जीवित रहूँगा,
18परमेश्वर ने मेरी बड़ी ताड़ना तो की है
19मेरे लिये धर्म के द्वार खोलो,
21हे यहोवा, मैं तेरा धन्यवाद करूँगा,
22राजमिस्त्रियों ने जिस पत्थर को निकम्मा ठहराया था
23यह तो यहोवा की ओर से हुआ है,
24आज वह दिन है जो यहोवा ने बनाया है;
25हे यहोवा, विनती सुन, उद्धार कर!
26धन्य है वह जो यहोवा के नाम से आता है!
27यहोवा परमेश्वर है, और उसने हमको प्रकाश दिया है।
28हे यहोवा, तू मेरा परमेश्वर है, मैं तेरा धन्यवाद करूँगा;
29यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है;