प्रसंग: प्रार्थना संहिता 148 भगवान की प्रशंसा के लिए सभी सृष्टि को प्रोत्साहित करती है, स्वर्गीय सैन्य से लेकर समुद्री प्राणियों और पर्वतों तक। प्रार्थनाकारी हमें याद दिलाते हैं कि सभी सृष्टि को भगवान ने बनाया था और इसलिए उसकी पूजा करनी चाहिए।
1यहोवा की स्तुति करो!
भजन - Bhajan 148:2 - हे उसके सब दूतों, उसकी स्तुति करो:
2हे उसके सब दूतों, उसकी स्तुति करो:
3हे सूर्य और चन्द्रमा उसकी स्तुति करो,
4हे सबसे ऊँचे आकाश
5वे यहोवा के नाम की स्तुति करें,
6और उसने उनको सदा सर्वदा के लिये स्थिर किया है;
7पृथ्वी में से यहोवा की स्तुति करो,
8हे अग्नि और ओलों, हे हिम और कुहरे,
9हे पहाड़ों और सब टीलों,
10हे वन-पशुओं और सब घरेलू पशुओं,
11हे पृथ्वी के राजाओं, और राज्य-राज्य के सब लोगों,
12हे जवानों और कुमारियों,
13यहोवा के नाम की स्तुति करो,
14और उसने अपनी प्रजा के लिये एक सींग ऊँचा किया है;
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस अध्याय के बारे में सामान्य प्रश्न
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