2इस्राएल अपने कर्ता के कारण आनन्दित हो,
3वे नाचते हुए उसके नाम की स्तुति करें,
4क्योंकि यहोवा अपनी प्रजा से प्रसन्न रहता है;
5भक्त लोग महिमा के कारण प्रफुल्लित हों;
6उनके कण्ठ से परमेश्वर की प्रशंसा हो,
7कि वे जाति-जाति से पलटा ले सके;
8और उनके राजाओं को जंजीरों से,
9और उनको ठहराया हुआ दण्ड देंगे!