1सर्वशक्तिमान परमेश्वर यहोवा ने कहा है,
2सिय्योन से, जो परम सुन्दर है,
3हमारा परमेश्वर आएगा और चुपचाप न रहेगा,
4वह अपनी प्रजा का न्याय करने के लिये
5“मेरे भक्तों को मेरे पास इकट्ठा करो,
6और स्वर्ग उसके धर्मी होने का प्रचार करेगा
7“हे मेरी प्रजा, सुन, मैं बोलता हूँ,
8मैं तुझ पर तेरे बलियों के विषय दोष नहीं लगाता,
10क्योंकि वन के सारे जीव-जन्तु
11पहाड़ों के सब पक्षियों को मैं जानता हूँ,
12“यदि मैं भूखा होता तो तुझ से न कहता;
13क्या मैं बैल का माँस खाऊँ,
14परमेश्वर को धन्यवाद ही का बलिदान चढ़ा,
15और संकट के दिन मुझे पुकार;
16परन्तु दुष्ट से परमेश्वर कहता है:
17तू तो शिक्षा से बैर करता,
18जब तूने चोर को देखा, तब उसकी संगति से प्रसन्न हुआ;
19“तूने अपना मुँह बुराई करने के लिये खोला,
20तू बैठा हुआ अपने भाई के विरुद्ध बोलता;
21यह काम तूने किया, और मैं चुप रहा;
22“हे परमेश्वर को भूलनेवालो यह बात भली भाँति समझ लो,
23धन्यवाद के बलिदान का चढ़ानेवाला मेरी महिमा करता है;