1हे परमेश्वर, तूने हमको त्याग दिया,
2तूने भूमि को कँपाया और फाड़ डाला है;
3तूने अपनी प्रजा को कठिन समय दिखाया;
4तूने अपने डरवैयों को झण्डा दिया है,
5तू अपने दाहिने हाथ से बचा, और हमारी सुन ले
6परमेश्वर पवित्रता के साथ बोला है, “मैं प्रफुल्लित हूँगा;
7गिलाद मेरा है; मनश्शे भी मेरा है;
8मोआब मेरे धोने का पात्र है;
9मुझे गढ़वाले नगर में कौन पहुँचाएगा?
10हे परमेश्वर, क्या तूने हमको त्याग नहीं दिया?
11शत्रु के विरुद्ध हमारी सहायता कर,
12परमेश्वर की सहायता से हम वीरता दिखाएँगे,