प्रसंग 71 का सारांश: प्रसंग 71 वह एक प्रार्थना है जिसमें एक वयस्क विश्वासी भक्त ईश्वर से अपने शत्रुओं से सुरक्षा और मुक्ति की प्रार्थना करता है। प्रसंगकर्ता उसे उसके भूतकाल में मुक्ति के लिए प्रशंसा करता है और भविष्य की सुरक्षा के लिए उसपर अपना विश्वास डालता है। वह अपनी बूढ़पे में उसके साथ रहने के लिए ईश्वर की कृपा की प्रार्थना करता है और सदैव उसकी प्रशंसा करने का व्रत लेता है।