2एप्रैम, बिन्यामीन, और मनश्शे के सामने अपना पराक्रम दिखाकर,
3हे परमेश्वर, हमको ज्यों के त्यों कर दे;
4हे सेनाओं के परमेश्वर यहोवा,
5तूने आँसुओं को उनका आहार बना दिया,
6तू हमें हमारे पड़ोसियों के झगड़ने का कारण बना देता है;
7हे सेनाओं के परमेश्वर, हमको ज्यों के त्यों कर दे;
8तू मिस्र से एक दाखलता ले आया;
9तूने उसके लिये स्थान तैयार किया है;
10उसकी छाया पहाड़ों पर फैल गई,
11उसकी शाखाएँ समुद्र तक बढ़ गई,
12फिर तूने उसके बाड़ों को क्यों गिरा दिया,
13जंगली सूअर उसको नाश किए डालता है,
14हे सेनाओं के परमेश्वर, फिर आ!
15ये पौधा तूने अपने दाहिने हाथ से लगाया,
17तेरे दाहिने हाथ के सम्भाले हुए पुरुष पर तेरा हाथ रखा रहे,
18तब हम लोग तुझ से न मुड़ेंगे:
19हे सेनाओं के परमेश्वर यहोवा, हमको ज्यों का त्यों कर दे!