1यहोवा राजा हुआ है, पृथ्वी मगन हो;
2बादल और अंधकार उसके चारों ओर हैं;
3उसके आगे-आगे आग चलती हुई
4उसकी बिजलियों से जगत प्रकाशित हुआ,
6आकाश ने उसके धर्म की साक्षी दी;
7जितने खुदी हुई मूर्तियों की उपासना करते
8सिय्योन सुनकर आनन्दित हुई,
9क्योंकि हे यहोवा, तू सारी पृथ्वी के ऊपर परमप्रधान है;
10हे यहोवा के प्रेमियों, बुराई से घृणा करो;
12हे धर्मियों, यहोवा के कारण आनन्दित हो;