व्याख्या
तीतस के पत्र, जिसे तीतस के नाम से भी जाना जाता है, बाइबल के नये नियम का एक ग्रंथ है। यह एक लिखित पत्र है जो अपोस्तल पौल से एक ईसाई नेता और प्रचारक तीतस को लिखा गया है।
तीतस के पत्र में विभिन्न विषयों पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें ईसाई विश्वास की स्वभाव और परमेश्वर को भूषणित जीवन जीने की महत्ता शामिल है। पत्र में ईसाई नीति और आध्यात्मिक जीवन के हिसाब से जीने की महत्वता पर भी कई उपदेश शामिल हैं।
तीतस के पत्र में मुख्य चित्र के रूप में अपोस्तल पौल और पत्र के प्राप्तकर्ता तीतस शामिल हैं। इस पत्र में विभिन्न अन्य व्यक्तियों का भी उल्लेख है, जैसे कि चर्चा के वृद्ध, और उपदेशों एवं प्रोत्साहनों के विषय बनेका। इस पत्र में परमेश्वर और उसके कार्यों का भी कई संदेश है, साथ ही उस पर भरोसा और निर्भरता की व्यक्तियों की अभिव्यक्तियाँ भी हैं।