बाइबिल में पनीएल क्या है?
वह स्थान जिसका नाम याकूब ने परमेश्वर को आमने-सामने देखने और जीवित बचने के बाद रखा।
पनीएल वह नाम है जो याकूब ने उस स्थान को दिया जहाँ उसने कहा कि उसने परमेश्वर को देखा। उत्पत्ति में लिखा है कि याकूब ने उस स्थान का नाम पनीएल रखा, क्योंकि उसने अपने शब्दों में कहा कि उसने परमेश्वर को आमने-सामने देखा और उसका प्राण बच गया (उत्पत्ति 32:30)।
बाइबिल में पनीएल
यह नाम स्वयं उस अनुभव को दर्शाता है, क्योंकि आम तौर पर इसका अर्थ परमेश्वर का मुख समझा जाता है। यह एकमात्र पद है जिसमें वर्तनी पनीएल का प्रयोग हुआ है।
- नाम का अर्थ
- परमेश्वर का मुख
- नाम की उत्पत्ति
- इब्रानी
- भूमिका
- याकूब द्वारा नामित स्थान
- पहली बार उल्लेख
- उत्पत्ति 32:30
- बाइबिल में उपस्थिति
- 1 उल्लेख
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पनीएल: प्रश्न और उत्तर
बाइबिल में पनीएल क्या है?
पनीएल वह नाम है जो याकूब ने उस स्थान को दिया जहाँ उसने कहा कि उसने परमेश्वर को देखा। उत्पत्ति में लिखा है कि याकूब ने उस स्थान का नाम पनीएल रखा, क्योंकि उसने अपने शब्दों में कहा कि उसने परमेश्वर को आमने-सामने देखा और उसका प्राण बच गया (उत्पत्ति 32:30)। यह नाम स्वयं उस अनुभव को दर्शाता है, क्योंकि आम तौर पर इसका अर्थ परमेश्वर का मुख समझा जाता है। यह एकमात्र पद है जिसमें वर्तनी पनीएल का प्रयोग हुआ है।
पनीएल नाम का क्या अर्थ है?
पनीएल नाम का अर्थ है “परमेश्वर का मुख”। उत्पत्ति: इब्रानी।
बाइबिल में पनीएल का पहली बार उल्लेख कहाँ है?
पहला उल्लेख: उत्पत्ति 32:30।
बाइबिल में पनीएल का कितनी बार उल्लेख है?
बाइबिल में उल्लेखों की संख्या: 1।
