शैतान के बारे में बाइबल क्या कहती है?
शैतान पर प्रमुख शास्त्र और आध्यात्मिक मार्गदर्शन
बाइबल में शैतान के बारे में कई स्थानों पर व्यक्ति किया गया है। यह प्राचीन शत्रु है जो मनुष्य को भ्रष्ट करने का प्रयास करता है और उसे परमेश्वर से दूर ले जाने का प्रयास करता है। बाइबल के अनुसार, शैतान एक दुष्ट आत्मा है जो मानवता के प्रति शत्रुता और दुष्टता की प्रेरणा करता है। हालांकि, बाइबल भगवान की शक्ति और विजय के बारे में भी सिखाती है।
शैतान के बारे में बाइबल के पद
1 पतरसीya वाचन 5:8ERV
“सचेत हो, और जागते रहो, क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गर्जनेवाले सिंह के समान इस खोज में रहता है, कि किसको फाड़ खाए।”
एफिसीयों का पत्रिका 6:11ERV
“परमेश्वर के सारे हथियार बाँध लो कि तुम शैतान की युक्तियों के सामने खड़े रह सको।”
याकूब 4:7ERV
“इसलिए परमेश्वर के अधीन हो जाओ; और शैतान का सामना करो, तो वह तुम्हारे पास से भाग निकलेगा।”
१ यूहन्ना 3:8ERV
“जो कोई पाप करता है, वह शैतान की ओर से है, क्योंकि शैतान आरम्भ ही से पाप करता आया है। परमेश्वर का पुत्र इसलिए प्रगट हुआ, कि शैतान के कामों को नाश करे।”
प्रकटिकरण 12:9ERV
“और वह बड़ा अजगर अर्थात् वही पुराना साँप, जो शैतान कहलाता है, और सारे संसार का भरमानेवाला है, पृथ्वी पर गिरा दिया गया; और उसके दूत उसके साथ गिरा दिए गए।”
2 कुरिन्थियों 11:14ERV
“और यह कुछ अचम्भे की बात नहीं क्योंकि शैतान आप भी ज्योतिर्मय स्वर्गदूत का रूप धारण करता है।”
यूहन्ना 8:44ERV
“तुम अपने पिता शैतान से हो, और अपने पिता की लालसाओं को पूरा करना चाहते हो। वह तो आरम्भ से हत्यारा है, और सत्य पर स्थिर न रहा, क्योंकि सत्य उसमें है ही नहीं; जब वह झूठ बोलता, तो अपने स्वभाव ही से बोलता है; क्योंकि वह झूठा है, वरन् झूठ का पिता है।”