प्रेरितों के कामों का अनुसार (Preriton Ke Kamo Ka Anusar) 27:44

“और बाकी कोई पटरों पर, और कोई जहाज की अन्य वस्तुओं के सहारे निकल जाएँ, इस रीति से सब कोई भूमि पर बच निकले।”
— प्रेरितों के कामों का अनुसार (Preriton Ke Kamo Ka Anusar) 27:44 (Eliot Indian Bible)

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संदर्भ: प्रेरितों के कामों का अनुसार (Preriton Ke Kamo Ka Anusar) 27

42तब सिपाहियों का यह विचार हुआ कि बन्दियों को मार डालें; ऐसा न हो कि कोई तैर कर निकल भागे।

43परन्तु सूबेदार ने पौलुस को बचाने की इच्छा से उन्हें इस विचार से रोका, और यह कहा, कि जो तैर सकते हैं, पहले कूदकर किनारे पर निकल जाएँ।

44और बाकी कोई पटरों पर, और कोई जहाज की अन्य वस्तुओं के सहारे निकल जाएँ, इस रीति से सब कोई भूमि पर बच निकले।

प्रेरितों के कामों का अनुसार (Preriton Ke Kamo Ka Anusar) 27 के बारे में: रोम की यात्रा

प्रेरितों के कामों का अनुसार (Preriton Ke Kamo Ka Anusar) 27: रोम की यात्रा

पाउल की नाव डूब जाती है और वे माल्टा द्वीप पर फंस जाते हैं।

व्याख्या

एक्ट्स 27 एक्ट्स की पुस्तक में एक महत्वपूर्ण अध्याय है, क्योंकि यह पॉल के रोम की यात्रा की शुरुआत का पंक्तिकार है। जरूसलम में गिरफ्तार कराया जाने के बाद, पॉल को सिजारिया भेजा जाता है ताकि वह रोमन गवर्नर फिलिक्स के सामने अदालत में खड़ा हो सके। हालांकि, फिलिक्स अपना निर्णय विलम्ब करते हैं, और पॉल को दो साल तक कैद में रखा जाता है। इस समय के दौरान, पॉल को फिलिक्स और उनकी पत्नी ड्रुसिला को ईसा का संदेश सुनाने की अनुमति मिलती है।

दो सालों के अंत में, फिलिक्स को फेस्टस से बदल दिया जाता है, जिन्होंने फैस्तस ने पॉल को के शुरु होने यात्रा के लिए रोम भेजने का निर्णय लिया। पॉल को रोम के लिए समुद्र पर एक जहाज पर रखा जाता है, और इस अध्याय में यात्रा का विवरण है। जहाज एक तेज आंधी में फंस जाता है, और पॉल सभी को चेतावनी देता है कि वे सभी समाप्त हो जाएंगे अगर वे मार्ग पर रहते हैं। चालक पॉल की सलाह का पालन करते हैं, और जहाज आखिरकार अपने गंतव्य तक पहुंचता है।

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