
राष्ट्रों को संदेश
आमोस 1
प्रारंभ का सारांश: भगवान ने अमोस को राष्ट्रों और इस्त्राएल के लोगों के दुर्व्यवहार, अन्याय, और मूर्तिपूजा के पाप के लिए भविष्यवाणी देने के लिए भेजा।
Key figures in आमोस

आमोस 1
प्रारंभ का सारांश: भगवान ने अमोस को राष्ट्रों और इस्त्राएल के लोगों के दुर्व्यवहार, अन्याय, और मूर्तिपूजा के पाप के लिए भविष्यवाणी देने के लिए भेजा।

आमोस 2
ईश्वर इस्राएल के पापों के लिए सजा की घोषणा करते हैं, जिसमें सैन्य पराजय और उनके शहरों के नाश शामिल है।

आमोस 3
भगवान लोगों से पश्चाताप करने की कहते हैं, उन्हें उनके पापों के लिए आनेवाले न्याय की चेतावनी देते हैं।

आमोस 4
भगवान लोगों को उनके जोखिम को नजरअंदाज करने और उनसे मुड़कर वापस न आने का आरोप लगाते हैं।

आमोस 5
अमोस इस्राएल के लिए विलाप करते हैं, उन्हें न्याय और धर्म की तलाश करने के लिए बुलाते हैं, और आने वाले न्याय की चेतावनी देते हैं।

आमोस 6
भगवान धनवान और सुखी लोगों को दोषी ठहराते हैं क्योंकि वे गरीबों और अत्याचारितों को अनदेखा करते हैं और उसे नहीं ढूंढ़ते।

आमोस 7
अमोस एक भविष्यदृष्टि देखते हैं, जो भगवान के न्याय का प्रतीक है, और लोगों की प्रतिबद्धता करते हैं।

आमोस 8
अमोस अंत की एक दृश्य देखते हैं, एक काल जब भूखमरी और विनाश का समय होगा, पर आशा और पुनर्स्थापना का भी।

आमोस 9
अमोस की नवाह उस समय की भविष्यवाणियों का है जब भगवान अपने लोगों को एकत्र करेंगे और अपने राज्य की स्थापना पृथ्वी पर करेंगे।