दानिय्याल 3:6

“और जो कोई गिरकर दण्डवत् न करेगा वह उसी घड़ी धधकते हुए भट्ठे के बीच में डाल दिया जाएगा।””
— दानिय्याल 3:6 (Eliot Indian Bible)

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संदर्भ: दानिय्याल 3

4तब ढिंढोरिये ने ऊँचे शब्द से पुकारकर कहा, “हे देश-देश और जाति-जाति के लोगों, और भिन्न-भिन्न भाषा बोलनेवालो, तुम को यह आज्ञा सुनाई जाती है कि,

5जिस समय तुम नरसिंगे, बाँसुरी, वीणा, सारंगी, सितार, शहनाई आदि सब प्रकार के बाजों का शब्द सुनो, तुम उसी समय गिरकर नबूकदनेस्सर राजा की खड़ी कराई हुई सोने की मूरत को दण्डवत् करो।

6और जो कोई गिरकर दण्डवत् न करेगा वह उसी घड़ी धधकते हुए भट्ठे के बीच में डाल दिया जाएगा।”

7इस कारण उस समय ज्यों ही सब जाति के लोगों को नरसिंगे, बाँसुरी, वीणा, सारंगी, सितार शहनाई आदि सब प्रकार के बाजों का शब्द सुन पड़ा, त्यों ही देश-देश और जाति-जाति के लोगों और भिन्न-भिन्न भाषा बोलनेवालों ने गिरकर उस सोने की मूरत को जो नबूकदनेस्सर राजा ने खड़ी कराई थी, दण्डवत् की।

8उसी समय कई एक कसदी पुरुष राजा के पास गए, और कपट से यहूदियों की चुगली की।

दानिय्याल 3 के बारे में: ज्वालामुखी भट्टी

दानिय्याल 3: ज्वालामुखी भट्टी

राजा नेबुचदनेजर सभी लोगों से एक सोने की मूर्ति की पूजा करने का आदेश देते हैं, लेकिन तीन यहूदी नौजवान इनकार करते हैं और एक ज्वालामुखी में डाल दिए जाते हैं। उन्हें भगवान से संरक्षण मिलता है और वे उपरोध से बच जाते हैं।

व्याख्या

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