उपद्रवि (Upadravi) 10:2
“और तुम लोग अपने बेटों और पोतों से इसका वर्णन करो कि यहोवा ने मिस्रियों को कैसे उपहास में उड़ाया और अपने क्या-क्या चिन्ह उनके बीच प्रगट किए हैं; जिससे तुम यह जान लोगे कि मैं यहोवा हूँ।””
संदर्भ: उपद्रवि (Upadravi) 10
1फिर यहोवा ने मूसा से कहा, “फ़िरौन के पास जा; क्योंकि मैं ही ने उसके और उसके कर्मचारियों के मन को इसलिए कठोर कर दिया है कि अपने चिन्ह उनके बीच में दिखलाऊँ,
2और तुम लोग अपने बेटों और पोतों से इसका वर्णन करो कि यहोवा ने मिस्रियों को कैसे उपहास में उड़ाया और अपने क्या-क्या चिन्ह उनके बीच प्रगट किए हैं; जिससे तुम यह जान लोगे कि मैं यहोवा हूँ।”
3तब मूसा और हारून ने फ़िरौन के पास जाकर कहा, “इब्रियों का परमेश्वर यहोवा तुझसे इस प्रकार कहता है, कि तू कब तक मेरे सामने दीन होने से संकोच करता रहेगा? मेरी प्रजा के लोगों को जाने दे कि वे मेरी उपासना करें।
4यदि तू मेरी प्रजा को जाने न दे तो सुन, कल मैं तेरे देश में टिड्डियाँ ले आऊँगा।
उपद्रवि (Upadravi) 10 के बारे में: आठवाँ और नौवाँ तालज़: जीव-अंधकार

मकस और अंधेरे की दस प्लेग मित्यपुष्टि पर आते हैं, लेकिन फिर भी फिरऔन इस्राइलियों को जाने की इजाजत नहीं देते।
व्याख्या
प्रारंभ में ही, वियोठर की पुस्तक में एक मर्मग्यान्धकारी अध्याय है जो इजिप्त पर भगवान के भेजे गए अंतिम तीन मरादों की शुरुआत के रूप में माना जाता है। इस अध्याय में, भगवान मोसेस को यह आज्ञा देते हैं कि वह फिरऔन को चेतावनी दें कि तिड्डीयों का एक मराद आ रहा है, और यह वितिगम्य होगा कि यह सभी फसलें और पौधे खा जाएगा। फिरऔन का हृदय कठोर हो जाता है, और वह इस्राएलियों को जाने देने से इन्कार करता है।
फिर भगवान ने इजिप्त की भूमि पर एक गहरी अँधेरा भेजा, इतना गहरा कि इसे महसूस किया जा सकता था। यह अँधेरा तीन दिनों तक रहता है, और फिरऔन को मजबूर होकर इस्राएलियों को टलने देना पड़ता है। यह मराद फिरऔन और इजिप्तियों को भगवान की शक्ति और उनके विरुद्ध उद्भव करने की क्षमता की याद दिलाता है।