उपद्रवि (Upadravi) 26:15

““फिर निवास को खड़ा करने के लिये बबूल की लकड़ी के तख्ते बनवाना।”
— उपद्रवि (Upadravi) 26:15 (Eliot Indian Bible)

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संदर्भ: उपद्रवि (Upadravi) 26

13और तम्बू के परदों की लम्बाई में से हाथ भर इधर, और हाथ भर उधर निवास को ढाँकने के लिये उसकी दोनों ओर पर लटका हुआ रहे।

14फिर तम्बू के लिये लाल रंग से रंगी हुई मेढ़ों की खालों का एक ओढ़ना और उसके ऊपर सुइसों की खालों का भी एक ओढ़ना बनवाना।

15“फिर निवास को खड़ा करने के लिये बबूल की लकड़ी के तख्ते बनवाना।

16एक-एक तख्ते की लम्बाई दस हाथ और चौड़ाई डेढ़ हाथ की हो।

17एक-एक तख्ते में एक दूसरे से जोड़ी हुई दो-दो चूलें हों; निवास के सब तख्तों को इसी भाँति से बनवाना।

उपद्रवि (Upadravi) 26 के बारे में: धार्मिक संधि का बक्सा और मंदिर

उपद्रवि (Upadravi) 26: धार्मिक संधि का बक्सा और मंदिर

हिंदी में अनुवाद: वस्त्रागार और उसके सामग्रियों के लिए निर्देश, जिसमें पर्दा, वाचन का संधान और भोजन के लिए मेज।

व्याख्या

भगवान यहोवा ने मूसा को कॉन्स्ट्रक्शन ऑफ द टैबर्नेकल की निर्माण के बारे में विस्तृत निर्देश दिए हैं। इस अध्याय में, प्रभु ने मूसा को टैबर्नेकल और इसके सामानों को कैसे निर्मित करने के विस्तृत निर्देश दिए हैं।

इस अध्याय का पहला हिस्सा टैबर्नेकल की निर्माण पर केंद्रित है। भगवान ने मूसा को दस पर्दों की टैबर्नेकल बनाने के लिए निर्देश दिए हैं, हर पर्दा चार क्यूबिट लम्बा और एक क्यूबिट चौड़ा होना चाहिए। उन्होंने मूसा को प्रत्येक पर्दे के किनारे पर नीला, बैंगनी और लाल रंग के पच्ची के पच्ची बनाने के लिए प्रेरित किया, और पर्दों को जोड़ने के लिए पच्चियों की पच्चियाँ और सोने के पिन बनाने के लिए भी मूसा को निर्देश दिए।