उपद्रवि (Upadravi) 3:16
“इसलिए अब जाकर इस्राएली पुरनियों को इकट्ठा कर, और उनसे कह, 'तुम्हारे पूर्वज अब्राहम, इसहाक, और याकूब के परमेश्वर, यहोवा ने मुझे दर्शन देकर यह कहा है कि मैंने तुम पर और तुम से जो बर्ताव मिस्र में किया जाता है उस पर भी चित्त लगाया है;”
संदर्भ: उपद्रवि (Upadravi) 3
14परमेश्वर ने मूसा से कहा, “मैं जो हूँ सो हूँ।” फिर उसने कहा, “तू इस्राएलियों से यह कहना, 'जिसका नाम मैं हूँ है उसी ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है'।”
15फिर परमेश्वर ने मूसा से यह भी कहा, “तू इस्राएलियों से यह कहना, 'तुम्हारे पूर्वजों का परमेश्वर, अर्थात् अब्राहम का परमेश्वर, इसहाक का परमेश्वर, और याकूब का परमेश्वर, यहोवा, उसी ने मुझको तुम्हारे पास भेजा है। देख सदा तक मेरा नाम यही रहेगा, और पीढ़ी-पीढ़ी में मेरा स्मरण इसी से हुआ करेगा।'
16इसलिए अब जाकर इस्राएली पुरनियों को इकट्ठा कर, और उनसे कह, 'तुम्हारे पूर्वज अब्राहम, इसहाक, और याकूब के परमेश्वर, यहोवा ने मुझे दर्शन देकर यह कहा है कि मैंने तुम पर और तुम से जो बर्ताव मिस्र में किया जाता है उस पर भी चित्त लगाया है;
17और मैंने ठान लिया है कि तुमको मिस्र के दुःखों में से निकालकर कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी हिव्वी, और यबूसी लोगों के देश में ले चलूँगा, जो ऐसा देश है कि जिसमें दूध और मधु की धारा बहती है।'
18तब वे तेरी मानेंगे; और तू इस्राएली पुरनियों को संग लेकर मिस्र के राजा के पास जाकर उससे यह कहना, 'इब्रियों के परमेश्वर, यहोवा से हम लोगों की भेंट हुई है; इसलिए अब हमको तीन दिन के मार्ग पर जंगल में जाने दे कि अपने परमेश्वर यहोवा को बलिदान चढ़ाएँ।'
उपद्रवि (Upadravi) 3 के बारे में: ईश्वर डायनिंग बुश पर मोसेस को बुलाता है

भगवान एक जलते हुए झाड़ी से मोशे से बात करते हैं और उसे बताते हैं कि वह मिस्र लौटकर इस्राएलियों को गुलामी से मुक्त करने के लिए लेकर जाए। भगवान मोशे को अपना नाम देते हैं, "मैं हूँ जो मैं हूँ।"
व्याख्या
प्रारंभिक धारणा योजना की चर्चा दर्ज करता है Exodus अध्याय 3 बाइबिल में एक महत्वपूर्ण पल के रूप में है, क्योंकि यह इस्राएलियों को मिश्र से बाहर निकालने की मोसेस की मिशन की शुरुआत को चिन्हित करता है। इस अध्याय में, भगवान मोसेस के सामने एक जलते हुए झाड़ में प्रकट होते हैं और उससे बात करते हैं, अपनी दैवी योजना का प्रकट करते हैं।
भगवान मोसेस से कहते हैं कि उन्होंने इस्राएलियों की पुकार सुनी है और उन्हें मिश्र की बंधुआ से मुक्ति देने के लिए आये हैं। उन्होंने मोसेस को यह निर्देश दिया है कि वह फिरऔन के पास जाए और उससे मांगे कि वह इस्राएलियों को जाने दे। भगवान वादा करते हैं कि वह मोसेस के साथ रहेंगे और उसे उसके मिशन को सम्पादित करने के लिए जिन्दगी और साहस देने की आवश्यकता है।