यहेजकेल 17:20
“मैं अपना जाल उस पर फैलाऊँगा और वह मेरे फंदे में फंसेगा; और मैं उसको बाबेल में पहुँचाकर उस विश्वासघात का मुकद्दमा उससे लड़ूँगा, जो उसने मुझसे किया है।”
संदर्भ: यहेजकेल 17
18क्योंकि उसने शपथ को तुच्छ जाना, और वाचा को तोड़ा; देखो, उसने वचन देने पर भी ऐसे-ऐसे काम किए हैं, इसलिए वह बचने न पाएगा।
19प्रभु यहोवा यह कहता है : मेरे जीवन की सौगन्ध, उसने मेरी शपथ तुच्छ जानी, और मेरी वाचा तोड़ी है; यह पाप मैं उसी के सिर पर डालूँगा।
20मैं अपना जाल उस पर फैलाऊँगा और वह मेरे फंदे में फंसेगा; और मैं उसको बाबेल में पहुँचाकर उस विश्वासघात का मुकद्दमा उससे लड़ूँगा, जो उसने मुझसे किया है।
21उसके सब दलों में से जितने भागें वे सब तलवार से मारे जाएँगे, और जो रह जाएँ वे चारों दिशाओं में तितर-बितर हो जाएँगे। तब तुम लोग जान लोगे कि मुझ यहोवा ही ने ऐसा कहा है।”
22फिर प्रभु यहोवा यह कहता है : “मैं भी देवदार की ऊँची फुनगी में से कुछ लेकर लगाऊँगा, और उसकी सबसे ऊपरवाली कनखाओं में से एक कोमल कनखा तोड़कर एक अति ऊँचे पर्वत पर लगाऊँगा,
यहेजकेल 17 के बारे में: दो बाज और अंगूर की कहानी

इज़ेकिएल अध्याय 17 में, भगवान ने जूदा के नेतृत्व को उनकी अविश्वासीता और अवज्ञा के लिए निरंकुश करने के लिए दो गरुड़ों और एक वाइन की कहानी का उपयोग किया। पहला गरुड़ बाबिल के नेबुकदनेजर को प्रतिनिधित्व करता है, जो जूदा से एक छोटी सी डाल को लेकर उसे अपने बगीचे में लगाता है। दूसरा गरुड़ मिस्र को प्रतिनिधित्व करता है, जो संरक्षण प्रदान करके वाइन को पुनर्जीवित करने की कोशिश करता है, लेकिन असफल रहता है। अंततः, भगवान वादा करते हैं कि वे स्वयं मामलों को अपने हाथ में लेंगे और जूदा के राज्य को पुनर्स्थापित करेंगे।
व्याख्या
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