यहेजकेल 19:6
“तब वह जवान सिंह होकर सिंहों के बीच चलने-फिरने लगा, और वह भी अहेर पकड़ना सीख गया; और मनुष्यों को भी फाड़ खाया।”
संदर्भ: यहेजकेल 19
4जाति-जाति के लोगों ने उसकी चर्चा सुनी, और उसे अपने खोदे हुए गड्ढे में फँसाया; और उसके नकेल डालकर उसे मिस्र देश में ले गए।
5जब उसकी माँ ने देखा कि वह धीरज धरे रही तो भी उसकी आशा टूट गई, तब अपने एक और बच्चे को लेकर उसे जवान सिंह कर दिया।
6तब वह जवान सिंह होकर सिंहों के बीच चलने-फिरने लगा, और वह भी अहेर पकड़ना सीख गया; और मनुष्यों को भी फाड़ खाया।
7उसने उनके भवनों को बिगाड़ा, और उनके नगरों को उजाड़ा वरन् उसके गरजने के डर के मारे देश और जो कुछ उसमें था सब उजड़ गया।
8तब चारों ओर के जाति-जाति के लोग अपने-अपने प्रान्त से उसके विरुद्ध निकल आए, और उसके लिये जाल लगाया; और वह उनके खोदे हुए गड्ढे में फंस गया।
यहेजकेल 19 के बारे में: इजराईल के राजकुमारों के लिए विलाप

यहाँ एजेकियल अध्याय 19 की सारांश है: इस अध्याय में पैगंबर एक श्राद्ध शोक-गीत का उपयोग करते हैं ताकि वे इस्राएल के राजवंश के पतन की विलाप कर सकें। वे इस्राएल के राजा और राजकुमारों को एक शेरनी और उसके बच्चों की तुलना करते हैं, उनकी शक्ति और प्रमुखता को जोर देते हैं। हालांकि, उनकी घमंड और अवज्ञाता उनसे अंततः पतन की ओर ले जाती है, जैसे कि शेरनी अपने बच्चों और शक्ति को खो देती है।
व्याख्या
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