यहेजकेल 20:26

“अर्थात् वे अपने सब पहलौठों को आग में होम करने लगे; इस रीति मैंने उन्हें उन्हीं की भेंटों के द्वारा अशुद्ध किया जिससे उन्हें निर्वंश कर डालूँ; और तब वे जान लें कि मैं यहोवा हूँ।”
— यहेजकेल 20:26 (Eliot Indian Bible)

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संदर्भ: यहेजकेल 20

24क्योंकि उन्होंने मेरे नियम न माने, मेरी विधियों को तुच्छ जाना, मेरे विश्रामदिनों को अपवित्र किया, और अपने पुरखाओं की मूरतों की ओर उनकी आँखें लगी रहीं।

25फिर मैंने उनके लिये ऐसी-ऐसी विधियाँ ठहराई जो अच्छी न थी और ऐसी-ऐसी रीतियाँ जिनके कारण वे जीवित न रह सके;

26अर्थात् वे अपने सब पहलौठों को आग में होम करने लगे; इस रीति मैंने उन्हें उन्हीं की भेंटों के द्वारा अशुद्ध किया जिससे उन्हें निर्वंश कर डालूँ; और तब वे जान लें कि मैं यहोवा हूँ।

27“हे मनुष्य के सन्तान, तू इस्राएल के घराने से कह, प्रभु यहोवा यह कहता है : तुम्हारे पुरखाओं ने इसमें भी मेरी निन्दा की कि उन्होंने मेरा विश्वासघात किया।

28क्योंकि जब मैंने उनको उस देश में पहुँचाया, जिसे उन्हें देने की शपथ मैंने उनसे खाई थी, तब वे हर एक ऊँचे टीले और हर एक घने वृक्ष पर दृष्टि करके वहीं अपने मेलबलि करने लगे; और वहीं रिस दिलानेवाली अपनी भेंटें चढ़ाने लगे और वहीं अपना सुखदायक सुगन्ध-द्रव्य जलाने लगे, और वहीं अपने तपावन देने लगे।

यहेजकेल 20 के बारे में: इस्राएल पर भगवान का क्रोध और दया।

यहेजकेल 20: इस्राएल पर भगवान का क्रोध और दया।

यहूकेल के इस अध्याय 20 में, भगवान इस्राएल के ऊपर अपने प्रति बाघबाज़ी के इतिहास पर चर्चा करते हैं। वह विस्तार से बताते हैं कि इस्राएलियों ने झूठे भगवानों की पूजा की और पापी आचरण में प्रवृत्त हो गए जिससे उन्हें बाबिल में निर्वासन का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद, भगवान इस्राएल पर अपनी दया का प्रकट करते हैं और उन्हें अपनी मातृभूमि में पुनर्स्थापित करने और उनके पापों को क्षमा करने का वायदा करते हैं।

व्याख्या

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