यहेजकेल 31:13

“उस गिरे हुए वृक्ष पर आकाश के सब पक्षी बसेरा करते हैं, और उसकी शाखाओं के ऊपर मैदान के सब जीवजन्तु चढ़ने पाते हैं।”
— यहेजकेल 31:13 (Eliot Indian Bible)

इस पद को साझा करें

संदर्भ: यहेजकेल 31

11इसलिए जातियों में जो सामर्थी है, मैं उसी के हाथ उसको कर दूँगा, और वह निश्चय उससे बुरा व्यवहार करेगा। उसकी दुष्टता के कारण मैंने उसको निकाल दिया है।

12परदेशी, जो जातियों में भयानक लोग हैं, वे उसको काटकर छोड़ देंगे, उसकी डालियाँ पहाड़ों पर, और सब तराइयों में गिराई जाएँगी, और उसकी शाखाएँ देश के सब नालों में टूटी पड़ी रहेंगी, और जाति-जाति के सब लोग उसकी छाया को छोड़कर चले जाएँगे।

13उस गिरे हुए वृक्ष पर आकाश के सब पक्षी बसेरा करते हैं, और उसकी शाखाओं के ऊपर मैदान के सब जीवजन्तु चढ़ने पाते हैं।

14यह इसलिए हुआ है कि जल के पास के सब वृक्षों में से कोई अपनी ऊँचाई न बढ़ाए, न अपनी फुनगी को बादलों तक पहुँचाए, और उनमें से जितने जल पाकर दृढ़ हो गए हैं वे ऊँचे होने के कारण सिर न उठाए; क्योंकि वे भी सबके सब कब्र में गड़े हुए मनुष्यों के समान मृत्यु के वश करके अधोलोक में डाल दिए जाएँगे।

15“परमेश्‍वर यहोवा यह कहता है : जिस दिन वह अधोलोक में उतर गया, उस दिन मैंने विलाप कराया और गहरे समुद्र को ढाँप दिया, और नदियों का बहुत जल रुक गया; और उसके कारण मैंने लबानोन पर उदासी छा दी, और मैदान के सब वृक्ष मूर्छित हुए।

यहेजकेल 31 के बारे में: फिरों की गिरावट

यहेजकेल 31: फिरों की गिरावट

इजेकिएल 31 में, यहोवा से आगंतुक को फिराउ के पतन के बारे में संदेश मिलता है, इसाई की तुलना में एक महान देवदार के मेटाफ़ॉर का उपयोग करते हुए भगवान बताते हैं कि कैसे फिराउ की शक्ति और अहंकार को हटा दिया जाएगा, और वह साधारण हमाने की तरह नीचे लाया जाएगा।

व्याख्या

Default commentary text

यहेजकेल 31 में लोग