यहेजकेल 34:26

“मैं उन्हें और अपनी पहाड़ी के आस-पास के स्थानों को आशीष का कारण बना दूँगा; और मेंह को मैं ठीक समय में बरसाया करूँगा; और वे आशीषों की वर्षा होंगी।”
— यहेजकेल 34:26 (Eliot Indian Bible)

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संदर्भ: यहेजकेल 34

24मैं, यहोवा, उनका परमेश्‍वर ठहरूँगा, और मेरा दास दाऊद उनके बीच प्रधान होगा; मुझ यहोवा ही ने यह कहा है।

25“मैं उनके साथ शान्ति की वाचा बाँधूँगा, और दुष्ट जन्तुओं को देश में न रहने दूँगा; अतः वे जंगल में निडर रहेंगे, और वन में सोएँगे।

26मैं उन्हें और अपनी पहाड़ी के आस-पास के स्थानों को आशीष का कारण बना दूँगा; और मेंह को मैं ठीक समय में बरसाया करूँगा; और वे आशीषों की वर्षा होंगी।

27मैदान के वृक्ष फलेंगे और भूमि अपनी उपज उपजाएगी, और वे अपने देश में निडर रहेंगे; जब मैं उनके जूए को तोड़कर उन लोगों के हाथ से छुड़ाऊँगा, जो उनसे सेवा कराते हैं, तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।

28वे फिर जाति-जाति से लूटे न जाएँगे, और न वन पशु उन्हें फाड़ खाएँगे; वे निडर रहेंगे, और उनको कोई न डराएगा।

यहेजकेल 34 के बारे में: भगवान, उसके भेड़-बकरियों का चरवाहा।

यहेजकेल 34: भगवान, उसके भेड़-बकरियों का चरवाहा।

इज़किएल अध्याय 34 में, प्रभु इस्राएल के चरवाहों को उनके भेड़-बकरियों की देखभाल करने में दोष देते हैं, जिससे उनके भक्तों का विखंडन और पीड़ा होती है। वे वादा करते हैं कि वे खुद आकर अपने भेड़-बकरियों को इकट्ठा करेंगे, उन्हें हरे घास के मैदानों और शांत जल में ले जाएंगे, और मोटे और दुबले भेड़ के बीच विचार करेंगे। अध्याय का अंत प्रभु अपने गर्व से अपने भक्तों के संधि को पुष्टि करते हैं और उनके साथ एक नया शांति का संधि बनाने का वादा करते हैं।

व्याख्या

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