यहेजकेल 41:13

“तब उसने भवन की लम्बाई मापकर सौ हाथ की पाई; और दीवारों समेत आँगन की भी लम्बाई मापकर सौ हाथ की पाई।”
— यहेजकेल 41:13 (Eliot Indian Bible)

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संदर्भ: यहेजकेल 41

11बाहरी कोठरियों के द्वार उस स्थान की ओर थे, जो खाली था, अर्थात् एक द्वार उत्तर की ओर और दूसरा दक्षिण की ओर था; और जो स्थान रह गया, उसकी चौड़ाई चारों ओर पाँच-पाँच हाथ की थी।

12फिर जो भवन मन्दिर के पश्चिमी आँगन के सामने था, वह सत्तर हाथ चौड़ा था; और भवन के आस-पास की दीवार पाँच हाथ मोटी थी, और उसकी लम्बाई नब्बे हाथ की थी। मन्दिर की सम्पूर्ण माप

13तब उसने भवन की लम्बाई मापकर सौ हाथ की पाई; और दीवारों समेत आँगन की भी लम्बाई मापकर सौ हाथ की पाई।

14भवन का पूर्वी सामना और उसका आँगन सौ हाथ चौड़ा था।

15फिर उसने पीछे के आँगन के सामने की दीवार की लम्बाई जिसके दोनों ओर छज्जे थे, मापकर सौ हाथ की पाई; और भीतरी भवन और आँगन के ओसारों को भी मापा।

यहेजकेल 41 के बारे में: मंदिर के अंदर के कक्षाएँ

यहेजकेल 41: मंदिर के अंदर के कक्षाएँ

एजेकिएल अध्याय 41 में, पैगंबर को मंदिर के अंदर के कमरों की एक विस्तृत दृश्य प्राप्त होती है। इस अध्याय में मंदिर, पवित्र सबसे पवित्र और पार्श्व कक्षों की मापों और विवरण प्रदान किए गए हैं। यह मंदिर की महिमा और पवित्रता, साथ ही उसकी विशेष मात्रा और लेआउट की महत्ता को जोर देता है।

व्याख्या

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