यहेजकेल 42:13

“फिर उसने मुझसे कहा, “ये उत्तरी और दक्षिणी कोठरियाँ जो आँगन के सामने हैं, वे ही पवित्र कोठरियाँ हैं, जिनमें यहोवा के समीप जानेवाले याजक परमपवित्र वस्तुएँ खाया करेंगे; वे परमपवित्र वस्तुएँ, और अन्नबलि, और पापबलि, और दोषबलि, वहीं रखेंगे; क्योंकि वह स्थान पवित्र है।”
— यहेजकेल 42:13 (Eliot Indian Bible)

इस पद को साझा करें

संदर्भ: यहेजकेल 42

11उनके सामने का मार्ग उत्तरी कोठरियों के मार्ग-सा था; उनकी लम्बाई-चौड़ाई बराबर थी और निकास और ढंग उनके द्वार के से थे।

12दक्षिणी कोठरियों के द्वारों के अनुसार मार्ग के सिरे पर द्वार था, अर्थात् पूर्व की ओर की दीवार के सामने, जहाँ से लोग उनमें प्रवेश करते थे।

13फिर उसने मुझसे कहा, “ये उत्तरी और दक्षिणी कोठरियाँ जो आँगन के सामने हैं, वे ही पवित्र कोठरियाँ हैं, जिनमें यहोवा के समीप जानेवाले याजक परमपवित्र वस्तुएँ खाया करेंगे; वे परमपवित्र वस्तुएँ, और अन्नबलि, और पापबलि, और दोषबलि, वहीं रखेंगे; क्योंकि वह स्थान पवित्र है।

14जब-जब याजक लोग भीतर जाएँगे, तब-तब निकलने के समय वे पवित्रस्‍थान से बाहरी आँगन में ऐसे ही न निकलेंगे, अर्थात् वे पहले अपनी सेवा टहल के वस्त्र पवित्रस्‍थान में रख देंगे; क्योंकि ये कोठरियाँ पवित्र हैं। तब वे दूसरे वस्त्र पहनकर साधारण लोगों के स्थान में जाएँगे।”

15जब वह भीतरी भवन को माप चुका, तब मुझे पूर्व दिशा के फाटक के मार्ग से बाहर ले जाकर बाहर का स्थान चारों ओर मापने लगा।

यहेजकेल 42 के बारे में: मंदिर के अंदर के सभी कोर्ट्स

यहेजकेल 42: मंदिर के अंदर के सभी कोर्ट्स

इजेकिएल 42 अध्याय मंदिर के अंदरी आंगनों का वर्णन करता है, पुजारियों के कमरे और विधियों के लिए तैयारी के कक्षों को समेत। इस अध्याय में विभिन्न क्षेत्रों की माप और आयाम का विवरण भी दिया गया है, जो भगवान की डिज़ाइन की सटीकता और इरादे को प्रकट करता है।

व्याख्या

Default commentary text