उत्पत्ति

सृष्टि।

उत्पत्ति की पुस्तक ब्रह्माण्ड के सृष्टि और पहले मानव, आदम और ईव की कहानी सुनाती है। आदम और ईव को भगवान ने सृष्टि किया और उन्हें जीवन के बगीचे एडन में रखा, जहां उन्हें यह निर्देश दिए गए कि अच्छा और बुरा जानने के पेड़ से न खाएं। हालांकि, एक सर्प ने उन्हें बहकाया और वे फल खाने का चयन करते हैं, जिससे उन्हें उनके बगीचे से निकाल दिया जाता है। किन्तु, यह उनके परिवार और उनके वंशजों की कहानी भी कहती है, जिसमें एडम और ईव के पहले बच्चे कान और हाबील की कथा शामिल है। कान ने हाबील को ईर्ष्या के कारण मार डाला, और इसके परिणामस्वरूप वह धंधे से काट कर भगवान द्वारा निर्वासित किया गया। यह पुस्तक महाप्रलय की कथा भी साझा करती है, जिसमें भगवान ने पृथ्वी को दोषों से शुद्ध करने के लिए प्रलय कर दिया, और बाबेल के खंडहर की कहानी भी जिसमें पृथ्वी के लोगों ने आसमान तक पहुंचने के लिए एक खंडहर बनाने का प्रयास किया। इस पुस्तक में अब्राहम और उसके परिवार की कथाएं भी शामिल हैं, जिसमें उनके पुत्र इसहाक और पोता याकूब की कथा भी है, जिसे बाद में इस्राएल कहा गया। उत्पत्ति की पुस्तक जोसेफ की कहानी के साथ समाप्त होती है, जिन्हें उनके भाईयों द्वारा गुलामी में बेच दिया गया था, लेकिन उसके बाद वह मिस्र में एक प्रबल अधिकारी बन गया।

व्याख्या

50 अध्याय
उत्पत्ति की पुस्तक ब्रह्माण्ड के सृष्टि और पहले मानव, आदम और ईव की कहानी सुनाती है। आदम और ईव को भगवान ने सृष्टि किया और उन्हें जीवन के बगीचे एडन में रखा, जहां उन्हें यह निर्देश दिए गए कि अच्छा और बुरा जानने के पेड़ से न खाएं। हालांकि, एक सर्प ने उन्हें बहकाया और वे फल खाने का चयन करते हैं, जिससे उन्हें उनके बगीचे से निकाल दिया जाता है। किन्तु, यह उनके परिवार और उनके वंशजों की कहानी भी कहती है, जिसमें एडम और ईव के पहले बच्चे कान और हाबील की कथा शामिल है। कान ने हाबील को ईर्ष्या के कारण मार डाला, और इसके परिणामस्वरूप वह धंधे से काट कर भगवान द्वारा निर्वासित किया गया। यह पुस्तक महाप्रलय की कथा भी साझा करती है, जिसमें भगवान ने पृथ्वी को दोषों से शुद्ध करने के लिए प्रलय कर दिया, और बाबेल के खंडहर की कहानी भी जिसमें पृथ्वी के लोगों ने आसमान तक पहुंचने के लिए एक खंडहर बनाने का प्रयास किया। इस पुस्तक में अब्राहम और उसके परिवार की कथाएं भी शामिल हैं, जिसमें उनके पुत्र इसहाक और पोता याकूब की कथा भी है, जिसे बाद में इस्राएल कहा गया। उत्पत्ति की पुस्तक जोसेफ की कहानी के साथ समाप्त होती है, जिन्हें उनके भाईयों द्वारा गुलामी में बेच दिया गया था, लेकिन उसके बाद वह मिस्र में एक प्रबल अधिकारी बन गया।

Biblical figures

Key figures in उत्पत्ति

भगवान

भगवान

भगवान - था।

इजराइल

इजराइल

इजराइल: राजा

यहूदा

यहूदा

जुदाह: ट्राइबल लीडर

मिस्र

मिस्र

खजानेदार

दान

दान

स्थिति धारक: -

शॉल

शॉल

पद: भगवान्, इस्राएल का राजा।

जेकब

जेकब

पदभार: नबी, पुरखा।

लेवाई

लेवाई

पद: कुली

फिलिस्टीन

दुष्टातीश्वर

फिरऔह

फिरऔह

भूमिका: फिरौन.

बेन

बेन

स्थिति धारित: नहीं।

इब्राहीम

इब्राहीम

पदवी: नबी, पितृजन्मी।

जोसफ़

जोसफ़

पवित्र, वजीर

जॉर्डन

स्थिति धारक: ।

एफ्रैम

एफ्रैम

उपाधि: नहीं

बेंजामिन

बेंजामिन

नहीं है।

कैनान

केनान: नहीं कोई पद नहीं।

ईव

ईव

सभी मानवता की माँ

सीरिया

सीरिया: राज्य

मनासह

मनासह

राजा

अश्शूरिया

अश्शूरिया: राज्य

इसक्

इसक्

पदधर्ता: भगवान, पितृवंशी।

अमोन

स्थिति: .

गिलियाड

नहीं मिला

एदोम

स्थिति: राजा।

गाद

स्थिति धारक: भगवान के सेना का कमांडर

रेवेन

रेवेन

पद संभाला: सबसे बड़ा पुत्र (Position held: Firstborn Son)

शेम

शेम

कोई जानकारी नहीं मिली

राम

राम: अयोध्या के राजा

एलिशा

एलिशा

पदधारक: पैगंबर।

हेब्रोन

स्थानधारी:

बेथेल

पदधारक: .

मीडियन

मीडियन की पदस्थिति: .

अब्रम

पदवी: पूर्वपिता

दमिश्क़

दमिश्क का राजधानी

लाबान

लाबान

लाबन: ऊपरी (Laban: Uncle)

बेथलहेम

स्थान: बेथलहम.

नूह

नूह

पदधारक:गृहस्थ.

सिमियों

सिमियों

पदधारक: ।

इश्माएल

इश्माएल

हागर के पुत्र.

नफ्ताली

नफ्थाली: इश्त्राइल ट्राइबल एलिडर

रेचल

रेचल

पवित्र व्यक्ति.

जेबुलन

जेबुलून का पद: पहला पुत्र

अशेर

पदधारक: नहीं

इस्साचर

इसाकर: दूत

लोट

लोट

लोट: प्रधान

शेबा

स्थिति रखना: .

सारा

सारा

नबी

शिलो

धर्मगुरु

मेरारी

जिम्बरी

लिया

लिया

निभाई गयी पद: भविष्यवादक, पितृवंश.

आदम

आदम

सभी मानव जाति का पिता

शाइलो

शिलो की स्थिति: -

जिदोन

सीदोन्नी की पदस्थिति: .

ईलाम

मंत्री

गर्शोन

गर्शोन: पदक्षेत्र.

रेबेका

रेबेका

पत्नी

केडेश

स्थिति प्राप्त: -

कोराह

कोराह

स्थानधारी:

काइन

काइन

कैन का पुरस्थापित स्थान: नहीं।

एबेल

एबेल

भूमिका: पवित्र आत्मा

तामर

तामर

स्थिति धारित: नहीं

थीमा

स्थिति: नहीं।

जेराह

स्थान: सैनिक

गज़ा

राजधानी

हेजरन

संरक्षक

हारन

स्थिति हारान: .

मेष

राजा

सीदौं

साइदॉन की पदस्थिति: .

तेमन

स्थिति रखने वाले: .

नीनेवा

निनेवे: नगर

एलाह

इस्राएल का राजा

नामान

सेनापति (General)

सराई

सराई की पदस्थिति: .

हागर

हागर

धर्मपत्नी

बेला

स्थिति धारित करें

एलीजर

सहायक

एलिफज़

उपाधि: मिदलाईटाइट देवता.

गोशेन

कोशेन: धर्मद्वार-सेवक।

हेबर

स्थिति में रहा: कुनार

शम्मा

स्थान धारित:

हादार

स्थिति रखी:।

अनाह

स्थिति धारित: पिष्टीRAND-STARTर्RAND-END

एबेर

पदधारक: ।

एफ्रोन

एफ्रोन

उपनाम: स्थानधारक

ओफीर

स्थिति धारित: - ओफीर

दीदान

स्थिति हेल्ड: .

इनोक

धर्मगुरु

जेराह

स्थिति रखी:।

केदार

स्थिति रखी: .

लमेक

स्थिति धारित:

फारेज

स्थिति होल्ड.

आराम

स्थिति प्राप्त की: कुशिया वंश।

याफेथ

याफेथ

नहीं पाया

केनाज

नहीं मिला

मिल्काह

स्थिति धारित: मा

शेलाह

स्थिति धारक: नहीं।

तेराह

पदधारक: .

देबोराह

पदधारक: भविष्यवक्ता, धार्मिक न्यायी।

रेऊएल

पदधारक: .

कार्मी

पदभार:

इलॉन

न्यायाधीश

एजर

स्थिति में रहता था: सैनिक

याकीन

पदधारी: स्तंभित्रे

सेथ

सेठ: धनाढ्य

आदाह

दीना

नहीं मिला

ड्यूक

महाराजा

एनोस

पदभार: नहीं।

ओनन

मुद्र्दा

शाम्माह

स्थिति होल्ड - सम्मानितीहि

शौल

राजा

टोला

स्थिति रखीं: -

काइनन

उपाधि: नहीं

डिशॉन

पदधारक: .

हवीलाह

समृद्धि

जमीं

कृषि भूमि प्रमुख

जवान

जावान की पदस्थिति: -

पेलेग

पेलेग: पदभार.

जिल्पाह

जिल्पाह

दासी

बेरा

राजा.

गोमेर

पदधारक: पत्नी

हानोक

सभापति

जेरेड

स्थिति धारक: पिता

मासा

सम्मानित पद: -

सलाह

दिशान

नाअमाह

सेबा

जेज़ेर

केतुराह

मिजरिम

निमरॉड

रामेसेस

रेहोबोथ

सेलेम

जोहर

आनर

अरेली

असेनाथ

एलिषाह

जहलील

जहजील

केमुएल

ओमर

ज़िल्ला

अबीमैल

अदबील

अरण

कैलाह

हिरा

इराम

जेम्यूएल

लाशा

मदई

मग्दिएल

मेल्कीजेडेक

मोरियाह

ओहद

सेरा

तिरास

ज़राह

संपुर्णित: नहीं.

अजः

अल्वाह

अल्वन

बेलाह

जबाल

ज्यूबल

जूडिथ

पेनिएल

रोश

शालेम

ज़ावान

अबिमेलेक

अबिमेलेक

आर्फक्सद

बिर्शा

बज़

एलाय - (Eli)

एअर

एसाउ

एसाउ

हैम

हैम

नौकरी

मेथुशेलाह

मोअब

नाहोर

सेरेड

सेरुग

शिमरों

Chapters

अध्याय

सृष्टि
1

सृष्टि

उत्पत्ति 1

भगवान सृष्टि करते हैं, विश्व, आकाश, समुद्र, भूमि, पौधे, पशुओं और मानवों। उन्होंने सभी चीजें छह दिवसों में बनाई और सातवें दिन उन्होंने विश्राम किया।

अध्याय पढ़ें 1
प्रकाश और अंधकार का विभाजन
2

प्रकाश और अंधकार का विभाजन

उत्पत्ति 2

उसके बाद, भगवान मनुष्य और महिला को बनाते हैं और उन्हें एक सुंदर बगीचा जिसे एडेन कहा जाता है में रखते हैं। उन्हें कहते हैं कि वे बगीचे में किसी भी पेड़ से खा सकते हैं सिवाय एक पेड़ के। उन्हें उस पेड़ से खाने की अनुमति नहीं थी।

अध्याय पढ़ें 2
मानव की सृष्टि
3

मानव की सृष्टि

उत्पत्ति 3

पुरुष और स्त्री भगवान का अज्ञान करते हैं और निषिद्ध पेड़ से खाते हैं। इससे उन्हें अहंकार महसूस होता है और वे शर्मिंदा महसूस करते हैं। भगवान ने उन्हें सजा दी और उन्हें बाग से निकालना पड़ा।

अध्याय पढ़ें 3
गिरावट
4

गिरावट

उत्पत्ति 4

यह अध्याय उन पहले लोगों का वंशावली सूची देता है जिन्होंने ईश्वर द्वारा बनाए गए थे। यह भी कैन और एबेल की कहानी कहता है, जो दो भाई थे जिन्होंने एक दूसरे से झगड़ा किया था और एक ने दूसरे को मार डाला।

अध्याय पढ़ें 4
आदम की वंशावली
5

आदम की वंशावली

उत्पत्ति 5

यह अध्याय आदम के वंशजों की सूची के साथ जारी होता है, जिसमें उनके बच्चों के जन्म के आयु और उनकी मृत्यु के समय शामिल है।

अध्याय पढ़ें 5
भगवान का पृथ्वी पर न्याय।
6

भगवान का पृथ्वी पर न्याय।

उत्पत्ति 6

भगवान को दुःख हुआ कि लोग बुरी बातों के बारे में सोच रहे थे और बुरे काम कर रहे थे। उन्होंने धरती को ढेर देने और फिर से शुरू करने के लिए चालीस दिन-रात बारिश करने का निर्णय लिया। लेकिन, उन्होंने एक आदमी और उसके परिवार को एक बड़ी नाव जिसे अर्क कहा जाता है में बचा लिया।

अध्याय पढ़ें 6
महाप्रलय
7

महाप्रलय

उत्पत्ति 7

भगवान ने उस आदमी को बताया जिसे उसने बचाया था कि वह एक-एक प्रकार के प्राणी को जहाज में ले ले, एक पुरुष और एक मादा। उन्हें यह भी बताया कि वे सात-सात प्रकार के पंछी और जिस प्रकार के भोजन की आवश्यकता होगी, उसको भी लेकर जाना।

अध्याय पढ़ें 7
बाढ़ की जलवायु बदल जाती है
8

बाढ़ की जलवायु बदल जाती है

उत्पत्ति 8

चरणों के बाद से बादलों के चालीस दिनों के बाद, पानी घट गया और जहाज पहाड़ पर ठहर गया। भगवान ने भूमि को कभी और बाढ़ न करने का वादा किया और इसे अपने वादे के प्रमाण के रूप में इंद्रधनुष दिया।

अध्याय पढ़ें 8
नूह के साथ स्वर्गीय प्रतिज्ञा।
9

नूह के साथ स्वर्गीय प्रतिज्ञा।

उत्पत्ति 9

उस आदमी और उसके परिवार को भगवान ने आशीर्वाद दिया और उनसे कहा कि वे फलदार हों और वृद्धि करें। उन्हें मांस भी खाने की अनुमति दी, लेकिन उन्हें पहले उससे रक्त निकालना था। भगवान ने भी एक वादा किया कि कसी बाढ़ से उसने फिर से सम्पूर्ण जीवन को नष्ट नहीं करेगा।

अध्याय पढ़ें 9
पृथ्वी के राष्ट्र।
10

पृथ्वी के राष्ट्र।

उत्पत्ति 10

यह अध्याय नूह के तीन पुत्रों - शेम, हाम और जाफेथ के वंशजों की सूची प्रस्तुत करता है। यह उनके वंशजों द्वारा बसे गए विभिन्न राष्ट्रों और क्षेत्रों के वर्णन भी करता है।

अध्याय पढ़ें 10
बाबिल का मीनार
11

बाबिल का मीनार

उत्पत्ति 11

यह अध्याय तुरहन बाबेल के टॉवर की कहानी सुनाता है, जहां लोगों ने बड़ा टावर बनाने का निर्णय किया था ताकि वे आकाश में पहुंच सकें। भगवान ने उनकी भाषा को गलतफहमी में डाल दिया और उन्हें पृथ्वी पर छिड़क दिया।

अध्याय पढ़ें 11
ईश्वर का अब्राहम को आह्वान।
12

ईश्वर का अब्राहम को आह्वान।

उत्पत्ति 12

भगवान अब्राहम को चुनते हैं, जो उर में रह रहे एक आदमी हैं, और उन्हें अपने देश और परिवार को छोड़कर जाने के लिए कहते हैं और जिस भूमि पर वह उन्हें दिखाएंगे, वहाँ जाने को। अब्राहम आज्ञानुसार किया और भगवान उसें एक महान राष्ट्र बनाने और उसे आशीर्वाद देने का वायदा करते हैं।

अध्याय पढ़ें 12
एबरहम और लोट अलग होते हैं
13

एबरहम और लोट अलग होते हैं

उत्पत्ति 13

अब्राम और उसके भांजे लोट के पास बहुत संपत्ति है और वे भूमि के विवाद में पड़ जाते हैं। लोट जॉर्डन घाटी जाने का चयन करता है, जबकि अब्राम कैनान की भूमि में रहते हैं।

अध्याय पढ़ें 13
इस्लाम धर्म के महान धर्मगुरु: इब्राहीम, लोट को उद्धार करते हैं
14

इस्लाम धर्म के महान धर्मगुरु: इब्राहीम, लोट को उद्धार करते हैं

उत्पत्ति 14

यह अध्याय विभिन्न राजाओं के बीच एक युद्ध की कहानी बताता है और कैसे आब्राम अपने भांजे लोट को उद्धार करता है।

अध्याय पढ़ें 14
अब्राहम के साथ ईश्वर का प्रतिज्ञापत्र
15

अब्राहम के साथ ईश्वर का प्रतिज्ञापत्र

उत्पत्ति 15

भगवान अब्राम को वादा करते हैं कि उसके वंशज आकाश में चमकते तारों की तरह अनाकार होंगे। भगवान अब्राम को बताते हैं कि उसके वंशजों को 400 साल ग़ुलामी का सामना करना पड़ेगा फिर वे स्वतंत्र हो जाएंगे और भूमि को वारिस बनाएंगे।

अध्याय पढ़ें 15
इब्राहिम का बेटा इस्माईल
16

इब्राहिम का बेटा इस्माईल

उत्पत्ति 16

अब्राम की पत्नी साराई मातृत्व नहीं ले सकती, इसलिए वह उसे अपनी दासी हागर को पत्नी के रूप में देती है। हागर से इशमाएल की जन्म होती है, लेकिन बाद में भगवान ने अब्राम को बताया कि साराई का भी एक पुत्र होगा, जिसका नाम इसहाक होगा।

अध्याय पढ़ें 16
इब्राहीम और सारा के नाम बदल गए।
17

इब्राहीम और सारा के नाम बदल गए।

उत्पत्ति 17

भगवान अब्राम का नाम अब्राहम और साराई का नाम साराह करते हैं, और उसके साथ एक संधि करते हैं। वे वादा करते हैं कि अब्राहम बहुत से राष्ट्रों के पिता होंगे, और कि उसके वंशज कैनान के भूमि का विरासतधार होंगे। उन्होंने अब्राहम से इस संधि का प्रतीक के रूप में सुन्नत करने का भी आदेश दिया।

अध्याय पढ़ें 17
इसक की जन्म का वादा।
18

इसक की जन्म का वादा।

उत्पत्ति 18

भागवत गाथा के अध्याय 18 का सारांश: भगवान इब्राहीम के पास आते हैं और उन्हें बताते हैं कि उनकी वृद्धा पत्नी सारा एक पुत्र को जन्म देगी। इब्राहीम हंसते हैं, परंतु सारा गर्भवती हो जाती है और उसे यित्सहक नामक पुत्र की प्रसूति होती है।

अध्याय पढ़ें 18
सोडोम का विनाश
19

सोडोम का विनाश

उत्पत्ति 19

भगवान ने सदोम और गमोरा शहरों को उनके निवासियों की दुष्टता के कारण नष्ट कर दिया। अब्राहम के भांजे लोट और उसके परिवार को विनाश से बचाया गया।

अध्याय पढ़ें 19
इब्राहीम और सारा का धोखा।
20

इब्राहीम और सारा का धोखा।

उत्पत्ति 20

अब्राहम जेरार जाते हैं और सभी को बताते हैं कि सारा उनकी बहन है, आकस्मिक विवाह से बचने के लिए। राजा अबिमेलेक सारा को लेते हैं परन्तु भगवान हस्तक्षेप करते हैं और उसे वापस लौटाते हैं।

अध्याय पढ़ें 20
ईसक पैदा होता है
21

ईसक पैदा होता है

उत्पत्ति 21

साराह को आईज़ाक की पैदाइश होती है और हागर और इश्माएल को दूर भेज दिया जाता है। भगवान ने अब्राहम को वादा किया कि उसकी वंशज आईज़ाक के माध्यम से आशीर्वादित होंगे।

अध्याय पढ़ें 21
इब्राहीम की आस्था का परीक्षण
22

इब्राहीम की आस्था का परीक्षण

उत्पत्ति 22

भगवान अब्राहम से उसके पुत्र इसहाक की बलिदान की मांग करते हैं उसके विश्वास की परीक्षा के रूप में, परन्तु भगवान बजाय इसके भेड़ की बलिदान करने के लिए प्रदान करते हैं।

अध्याय पढ़ें 22
सारा की मौत और दफन।
23

सारा की मौत और दफन।

उत्पत्ति 23

सारा की मृत्यु हो जाती है और इब्राहीम उसे दफन करने के लिए भूमि की एक कटार खरीदते हैं।

अध्याय पढ़ें 23
इज़क के लिए पत्नी की खोज में इब्राहीम का सेवक
24

इज़क के लिए पत्नी की खोज में इब्राहीम का सेवक

उत्पत्ति 24

अब्राहम के सेवक को इसहाक के लिए एक पत्नी ढूंढने के लिए भेजा जाता है, और वह रेबेका को पाता है।

अध्याय पढ़ें 24
एसाव और जेकब का जन्म
25

एसाव और जेकब का जन्म

उत्पत्ति 25

अब्राहम ने केतुराह के साथ और बच्चे पैदा किए और फिर 175 वर्ष की आयु में मर गए।

अध्याय पढ़ें 25
इसकाक अबिमेलेक को धोखा देता है
26

इसकाक अबिमेलेक को धोखा देता है

उत्पत्ति 26

भावार्थ: इसक गरर जाते हैं और लोगों को बताते हैं कि रेबेका उनकी बहन है, जैसा कि उनके पिता अब्राहम ने किया था। वह अत्यधिक धनवान हो जाते हैं और रेबेका के साथ बच्चे होते हैं।

अध्याय पढ़ें 26
याकूब को एसव का जन्माधिकार मिलता है
27

याकूब को एसव का जन्माधिकार मिलता है

उत्पत्ति 27

आईज़ेक अपने बड़े बेटे ईसौ को आशीर्वाद देने की योजना बनाते हैं, लेकिन रेबेका और याकूब मिलकर आईज़ेक को धोखा देने की साजिश करते हैं ताकि जैकब ही आशीर्वाद प्राप्त करे।

अध्याय पढ़ें 27
याकूब की सीढ़ी और भगवान के साथ निर्मित समुझौता
28

याकूब की सीढ़ी और भगवान के साथ निर्मित समुझौता

उत्पत्ति 28

जैकब अपनी माता के परिवार के पास भाग जाता है और उसे स्वर्ग तक पहुँचने वाली सीढ़ी का सपना आता है। ईश्वर जैकब की वादे को पुष्टि करते हैं कि उसकी वंशवाद को आशीर्वाद मिलेगा और जमीन उन्हें दी जाएगी।

अध्याय पढ़ें 28
जेकब रेचेल से मिलते हैं
29

जेकब रेचेल से मिलते हैं

उत्पत्ति 29

जैकब नव वर्ष काम करके लिया से शादी करने के लिए मेहनत करता है, लेकिन उसे उसके पिता लाबान द्वारा धोखा दिया जाता है और रेहेल से भी शादी कर लेता है। उसे और सात वर्ष काम करने पड़ते हैं ताकि उसकी रेहेल से शादी कर सके।

अध्याय पढ़ें 29
याकूब के बच्चों का जन्म
30

याकूब के बच्चों का जन्म

उत्पत्ति 30

याकूब बहुत धनी हो जाते हैं जिनमें बड़ी भेड़-बकरियाँ और बहुत से बच्चे होते हैं।

अध्याय पढ़ें 30
जेकब का लाबान से भागना
31

जेकब का लाबान से भागना

उत्पत्ति 31

याक़ूब अपने परिवार और संपत्ति के साथ लाबान से भागता है। लाबान उसकी पीछा करता है लेकिन वे एक संधि करते हैं और मित्र के रूप में भाग जाते हैं।

अध्याय पढ़ें 31
याकूब का भगवान के साथ दांव.
32

याकूब का भगवान के साथ दांव.

उत्पत्ति 32

जीनेसिस के तिसरे दो दसक में, याकूब अपने भाई ईसाव से मिलने के लिए तैयार होते हैं और उनका भगवान के साथ जूझना होता है।

अध्याय पढ़ें 32
जेकब एसाव से मिलता है
33

जेकब एसाव से मिलता है

उत्पत्ति 33

जैकब और इसाव की मेलजोल हो जाती है और जैकब अपने परिवार को बेथेल ले जाता है।

अध्याय पढ़ें 33
दाइना और शेकेमियों।
34

दाइना और शेकेमियों।

उत्पत्ति 34

यह अध्याय दिनाह का बलात्कार किया जाने की कहानी और उसके भाइयों की प्रतिशोध की कहानी कहता है।

अध्याय पढ़ें 34
याकूब की बेथेल में वापसी
35

याकूब की बेथेल में वापसी

उत्पत्ति 35

भाग जीनेसिस के तीसरे पाँच अध्याय का सारांश: भगवान ने याकूब को बैथेल जाने और विदेशी देवताओं को छोड़ने का आदेश दिया। याकूब ने स्थान का नाम बैथेल रखा और भगवान के लिए एक वेदी बनाई।

अध्याय पढ़ें 35
ईसाव की वंशावली
36

ईसाव की वंशावली

उत्पत्ति 36

इस अध्याय में ईसाव, जिसे एदोम भी कहा जाता है, के वंशजों की सूची दी गई है।

अध्याय पढ़ें 36
जोसेफ के सपने और उसके भाईयों की ईर्ष्य।
37

जोसेफ के सपने और उसके भाईयों की ईर्ष्य।

उत्पत्ति 37

योसेफ, याकूब के पुत्रों में से एक, अपने पिता के पसंदीदा है और उसके भाई इसे ईर्ष्या करने लगते हैं। वे उसे मिस्र में दासत्व में बेच देते हैं।

अध्याय पढ़ें 37
यहूदा और तमर की कहानी
38

यहूदा और तमर की कहानी

उत्पत्ति 38

इस अध्याय में यहूदा और तामर, और यहूदा और उसके तीन पुत्रों की कहानियां हैं।

अध्याय पढ़ें 38
जोसेफ और पोटीफर की पत्नी
39

जोसेफ और पोटीफर की पत्नी

उत्पत्ति 39

जॉसेफ को पोटीफर के पास बेच दिया जाता है, जो एक मिस्री अफसर है, और उसकी सेवा में सफल होता है। पोटीफर की पत्नी ने गलती से जॉसेफ पर बलात्कार का आरोप लगाया है और उसे कैद में डाल दिया जाता है।

अध्याय पढ़ें 39
जोसेफ जेल में सपने की व्याख्या करता है
40

जोसेफ जेल में सपने की व्याख्या करता है

उत्पत्ति 40

जोसेफ फिरो के कपके वाले और बेकर के सपने का अर्थ बताते हैं और बाद में फिरो के सपने का भी अर्थ बताने के लिए बुलाए जाते हैं। उन्होंने सही ढंग से सात साल की खूबियों के बाद सात साल की भुखमरी की भविष्यवाणी की।

अध्याय पढ़ें 40
जोसेफ फिरऔ के सपनों का व्याख्यान करता है
41

जोसेफ फिरऔ के सपनों का व्याख्यान करता है

उत्पत्ति 41

जोसेफ को इजिप्त में उपरंक के रूप में नियुक्त किया जाता है और उसने सफलतापूर्वक भुखमरी के दौरान देश का प्रबंधन किया, इजिप्ट और अन्य देशों के लिए भोजन प्रदान करते हैं।

अध्याय पढ़ें 41
यूसुफ के भाइयों के लिए खाने के लिए मिसर आए।
42

यूसुफ के भाइयों के लिए खाने के लिए मिसर आए।

उत्पत्ति 42

जनेसिस के चौरासवां अध्याय का संक्षिप्त सारांश: जोसेफ के भाइयों की भूखमरी के दौरान खाद्य खरीदने के लिए मिस्र आते हैं और वे जोसेफ को पहचान नहीं पाते हैं, जिसने उन्हें परीक्षण करते हैं।

अध्याय पढ़ें 42
यूसुफ के भाइयों की वापसी बेंजामिन के साथ इजीप्ट।
43

यूसुफ के भाइयों की वापसी बेंजामिन के साथ इजीप्ट।

उत्पत्ति 43

भाई ईजिप्ट लौट आए जिसमें जोसेफ का भाई बेंजामिन भी था, और जोसेफ उन्हें अपनी पहचान बताते हैं।

अध्याय पढ़ें 43
जोसेफ की चांदी की कप बेंजामिन की थैली में पाई गई।
44

जोसेफ की चांदी की कप बेंजामिन की थैली में पाई गई।

उत्पत्ति 44

जोसेफ के भाइयों को डर है कि उन्हें दासता में बेच दिया गया था और वे क्षमा के लिए प्रार्थना करते हैं।

अध्याय पढ़ें 44
जोसेफ अपने भाइयों को अपनी पहचान दिखाता है
45

जोसेफ अपने भाइयों को अपनी पहचान दिखाता है

उत्पत्ति 45

जोसेफ अपने भाइयों को क्षमा करता है और उन्हें बताता है कि वे अपने पिता याकूब और उनके परिवार को मिश्र में ले आएं।

अध्याय पढ़ें 45
जेकब और उसका परिवार मिस्र जाते हैं
46

जेकब और उसका परिवार मिस्र जाते हैं

उत्पत्ति 46

जैकब और उसका परिवार मिस्र को जाते हैं और गोशेन के भूमि में बस जाते हैं।

अध्याय पढ़ें 46
याकूब का फिरओं को आशीर्वाद।
47

याकूब का फिरओं को आशीर्वाद।

उत्पत्ति 47

जनरेशन का अध्याय 47 का सारांश: जोसेफ अपने परिवार और अकाल के समय में इजिप्शियों को खाना प्रदान करते हैं।

अध्याय पढ़ें 47
जेकब जोसेफ के पुत्रों को आशीर्वाद देते हैं
48

जेकब जोसेफ के पुत्रों को आशीर्वाद देते हैं

उत्पत्ति 48

जेकब जोसेफ के दो पुत्रों, एफ्राइम और मनस्से को आशीर्वाद देते हैं।

अध्याय पढ़ें 48
याकूब की आशीर्वाद और मृत्यु
49

याकूब की आशीर्वाद और मृत्यु

उत्पत्ति 49

याकूब अपने बारह पुत्रों को आशीर्वाद देते हैं, प्रत्येक को उनके वंशजों के बारे में एक भविष्यवाणी देते हैं।

अध्याय पढ़ें 49
जोसेफ की अंतिम यात्रा जेकब को दफनाने के लिए।
50

जोसेफ की अंतिम यात्रा जेकब को दफनाने के लिए।

उत्पत्ति 50

जैकब मर जाते हैं और मखपेला की गुफा में दफनाए जाते हैं। जोसेफ के भाइयों को डर होता है कि अब जैकब मर चुके हैं तो वह प्रतिशोध लेने का प्रयास करेंगे, लेकिन जोसेफ उन्हें शांति दिलाते हैं और 110 वर्ष की आयु में मर जाते हैं।

अध्याय पढ़ें 50