उत्पत्ति 27:3

“इसलिए अब तू अपना तरकश और धनुष आदि हथियार लेकर मैदान में जा, और मेरे लिये अहेर कर ले आ।”
— उत्पत्ति 27:3 (Eliot Indian Bible)

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संदर्भ: उत्पत्ति 27

1जब इसहाक बूढ़ा हो गया, और उसकी आँखें ऐसी धुंधली पड़ गईं कि उसको सूझता न था, तब उसने अपने जेठे पुत्र एसाव को बुलाकर कहा, “हे मेरे पुत्र,” उसने कहा, “क्या आज्ञा।”

2उसने कहा, “सुन, मैं तो बूढ़ा हो गया हूँ, और नहीं जानता कि मेरी मृत्यु का दिन कब होगा

3इसलिए अब तू अपना तरकश और धनुष आदि हथियार लेकर मैदान में जा, और मेरे लिये अहेर कर ले आ।

4तब मेरी रूचि के अनुसार स्वादिष्ट भोजन बनाकर मेरे पास ले आना, कि मैं उसे खाकर मरने से पहले तुझे जी भर कर आशीर्वाद दूँ।”

5तब एसाव अहेर करने को मैदान में गया। जब इसहाक एसाव से यह बात कह रहा था, तब रिबका सुन रही थी।

उत्पत्ति 27 के बारे में: याकूब को एसव का जन्माधिकार मिलता है

उत्पत्ति 27: याकूब को एसव का जन्माधिकार मिलता है

आईज़ेक अपने बड़े बेटे ईसौ को आशीर्वाद देने की योजना बनाते हैं, लेकिन रेबेका और याकूब मिलकर आईज़ेक को धोखा देने की साजिश करते हैं ताकि जैकब ही आशीर्वाद प्राप्त करे।

व्याख्या

उत्पत्ति 27 एक अध्याय है जो जेकब और एसाव की कहानी कहता है, इसहाक और रेबेका के जुड़वां पुत्र। यह एक धोखेबाजी, प्रतिस्पर्धा, और अंततः, सुलह की कहानी है।

इस अध्याय की शुरुआत इसहाक से होती है, जो अब बूढ़े और अँधे हो चुके हैं, और अपनी प्रथमजन एसाव को आशीर्वाद देना चाहते हैं। हालांकि, रेबेका के पास अन्य प्रयोजन हैं। उन्होंने इसहाक को धोखे से जेकब को आशीर्वाद देने में मदद करने की योजना बनाई। उन्होंने जेकब को एसाव के कपड़े पहनने को कहा और उसके हाथ और गर्दन पर बकरी की चमड़े डालने के लिए कहा ताकि वह एसाव जैसा दिखें। फिर जेकब इसहाक के पास जाता है और दिखावा करता है कि वह एसाव है, और फिर इसहाक उसे आशीर्वाद देते हैं।

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