योएल 2:28

““उन बातों के बाद मैं सब प्राणियों पर अपना आत्मा उण्डेलूँगा; तुम्हारे बेटे-बेटियाँ भविष्यद्वाणी करेंगी, और तुम्हारे पुरनिये स्वप्न देखेंगे, और तुम्हारे जवान दर्शन देखेंगे।”
— योएल 2:28 (Eliot Indian Bible)

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संदर्भ: योएल 2

26“तुम पेट भरकर खाओगे, और तृप्त होंगे, और अपने परमेश्‍वर यहोवा के नाम की स्तुति करोगे, जिस ने तुम्हारे लिये आश्चर्य के काम किए हैं। और मेरी प्रजा की आशा फिर कभी न टूटेगी।

27तब तुम जानोगे कि मैं इस्राएल के बीच में हूँ, और मैं, यहोवा, तुम्हारा परमेश्‍वर हूँ और कोई दूसरा नहीं है। मेरी प्रजा की आशा फिर कभी न टूटेगी।।

28“उन बातों के बाद मैं सब प्राणियों पर अपना आत्मा उण्डेलूँगा; तुम्हारे बेटे-बेटियाँ भविष्यद्वाणी करेंगी, और तुम्हारे पुरनिये स्वप्न देखेंगे, और तुम्हारे जवान दर्शन देखेंगे।

29तुम्हारे दास और दासियों पर भी मैं उन दिनों में अपना आत्मा उण्डेलूँगा।

30“और मैं आकाश में और पृथ्वी पर चमत्कार, अर्थात् लहू और आग और धुएँ के खम्भे दिखाऊँगा

योएल 2 के बारे में: प्रभु का दिन

योएल 2: प्रभु का दिन

यह अध्याय प्रभु के दिन की भविष्यवाणी को खोलता है, जिसमें भगवान के धार्मिक निर्णय के लिए तैयारी के लिए पश्चाताप की आवश्यकता को जोर दिया गया है।

व्याख्या

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