यूहन्ना 11:42
“और मैं जानता था, कि तू सदा मेरी सुनता है, परन्तु जो भीड़ आस-पास खड़ी है, उनके कारण मैंने यह कहा, जिससे कि वे विश्वास करें, कि तूने मुझे भेजा है।””
संदर्भ: यूहन्ना 11
40यीशु ने उससे कहा, “क्या मैंने तुझ से न कहा था कि यदि तू विश्वास करेगी, तो परमेश्वर की महिमा को देखेगी।”
41तब उन्होंने उस पत्थर को हटाया, फिर यीशु ने आँखें उठाकर कहा, “हे पिता, मैं तेरा धन्यवाद करता हूँ कि तूने मेरी सुन ली है।
42और मैं जानता था, कि तू सदा मेरी सुनता है, परन्तु जो भीड़ आस-पास खड़ी है, उनके कारण मैंने यह कहा, जिससे कि वे विश्वास करें, कि तूने मुझे भेजा है।”
43यह कहकर उसने बड़े शब्द से पुकारा, “हे लाज़र, निकल आ!”
44जो मर गया था, वह कफन से हाथ पाँव बंधे हुए निकल आया और उसका मुँह अँगोछे से लिपटा हुआ था। यीशु ने उनसे कहा, “उसे खोलकर जाने दो।”
यूहन्ना 11 के बारे में: लाजरस की उठानी

इस सूचना: यीशु लाज़ारस को मुर्दा से जिला करते हैं और पुनर्जन्म और जीवन के बारे में सिखाते हैं।
व्याख्या
यहूदा ११ अध्याय एक अध्याय है जो यीशु के प्रेम और दयालुता की शक्ति पर बोलता है। इस अध्याय में, मारियम और मार्था, यानी लाजरस की बहनों एक मात्र प्रेमी हैं जो यीशु से मिलने आती हैं, जो अपने भाई का इलाज करने के लिए यीशु से मदद मांगने आए हैं। यीशु उनके आग्रह से गहराई से प्रभावित हो जाते हैं और निर्णय करते हैं कि वह बेथनी जाएं और लाजरस का इलाज करें।
जब यीशु पहुँचते हैं, वे देखते हैं कि लाजरस पहले से ही मर चुके हैं। इस बावजूद, यीशु अभी भी यकीन रखते हैं कि वह लाजरस को फिर से जीवित कर सकते हैं। उन्होंने लाजरस से कहा कि मकबरे से बाहर निकलें, और लाजरस को पुनर्जन्म मिल गया।