यहोशुआ 11:23
“जैसा यहोवा ने मूसा से कहा था, वैसा ही यहोशू ने वह सारा देश ले लिया; और उसे इस्राएल के गोत्रों और कुलों के अनुसार बाँट करके उन्हें दे दिया। और देश को लड़ाई से शान्ति मिली।”
संदर्भ: यहोशुआ 11
21उस समय यहोशू ने पहाड़ी देश में आकर हेब्रोन, दबीर, अनाब, वरन् यहूदा और इस्राएल दोनों के सारे पहाड़ी देश में रहनेवाले अनाकियों को नाश किया; यहोशू ने नगरों समेत उनका सत्यानाश कर डाला।
22इस्राएलियों के देश में कोई अनाकी न रह गया; केवल गाज़ा, गत, और अश्दोद में कोई-कोई रह गए।
23जैसा यहोवा ने मूसा से कहा था, वैसा ही यहोशू ने वह सारा देश ले लिया; और उसे इस्राएल के गोत्रों और कुलों के अनुसार बाँट करके उन्हें दे दिया। और देश को लड़ाई से शान्ति मिली।
यहोशुआ 11 के बारे में: उत्तरी राजा हराए गए।

जोशुआ कानान के उत्तरी भाग को जीतता है और यहूदी जातियों के बीच भूमि बाँटता है।
व्याख्या
यहोशुआ 11 एक अध्याय है जो इस्राएलियों की उत्तरी राजाओं पर विजय का वर्णन करता है। इस अध्याय की शुरुआत भगवान ने यहोशुआ से उत्तरी राजाओं और उनकी सेनाओं के खिलाफ आगे बढ़ने का आदेश दिया। यहोशुआ और इस्राएलियों फिर उत्तरी राजाओं और उनकी सेनाओं के खिलाफ आगे बढ़े और उन्हें पराजित कर दिया। फिर अध्याय में उन राजाओं की सूची दी गई है जिन्होंने इस्राएलियों द्वारा पराजित किया गया था।
यह अध्याय भगवान की शक्ति और उसके लोगों के प्रति उसकी वफादारी की याद दिलाता है। प्रभु ने यहोशुआ से उत्तरी राजाओं और उनकी सेनाओं के खिलाफ बढ़ने का आदेश दिया, और यहोशुआ ने इस पर चलने का आदेश दिया। फिर प्रभु ने इस्राएलियों को उत्तरी राजाओं और उनकी सेनाओं पर विजय प्रदान की। यह विजय उसके लोगों के प्रति उसकी वफादारी का संकेत था और उन्हें सुरक्षित रखने की उसकी शक्ति का प्रमाण था।