यहोशुआ 13:22
“और इस्राएलियों ने उनके और मारे हुओं के साथ बोर के पुत्र भावी कहनेवाले बिलाम को भी तलवार से मार डाला।”
संदर्भ: यहोशुआ 13
20बेतपोर, पिसगा की ढलान और बेत्यशीमोत,
21अर्थात् चौरस देश में बसे हुए हेशबोन में विराजनेवाले एमोरियों के उस राजा सीहोन के राज्य के सारे नगर जिन्हें मूसा ने मार लिया था। मूसा ने एवी, रेकेम, सूर, हूर, और रेबा नामक मिद्यान के प्रधानों को भी मार डाला था जो सीहोन के ठहराए हुए हाकिम और उसी देश के निवासी थे।
22और इस्राएलियों ने उनके और मारे हुओं के साथ बोर के पुत्र भावी कहनेवाले बिलाम को भी तलवार से मार डाला।
23और रूबेनियों की सीमा यरदन का किनारा ठहरा। रूबेनियों का भाग उनके कुलों के अनुसार नगरों और गाँवों समेत यही ठहरा।।
24फिर मूसा ने गाद के गोत्रियों को भी कुलों के अनुसार उनका निज भाग करके बाँट दिया।
यहोशुआ 13 के बारे में: अभी भी विजय के योग्य भूमि

जोशुआ कनान के शेष भूमि को इस्राएली जातियों में बांटते हैं।
व्याख्या
यहोशुआ 13 एक अध्याय है जो उन भूमि का बखी चित्रण करता है जिसे इस्राएलियों ने अभी तक जीतना था। यह एक अनुस्मारक है उस वादे का कि जैसा ईश्वर ने आदि पुस्तक 15:18-21 में अब्राहम से किया था, कि उसके वंशज कनान की भूमि को प्राप्त करेंगे। इस अध्याय की शुरुआत उस भूमि का अनुस्मारण करती है जो पहले ही जीत ली गई थी, और फिर उस भूमि पर आगे बढ़ती है जो अभी शेष रह गई थी।
फिर इस अध्याय में विभिन्न जनजातियों और उनके संबंधित क्षेत्रों की सूची दी गई है। यह दिलचस्प है कि रेवून, गाद और मानस्से की आधी जनजाति तय क्षेत्र के पूर्व में ही अपना विरासत प्राप्त कर चुकी थी। यह ईश्वर की वफादारी का प्रमाण था अब्राहम के वादे के प्रति, क्योंकि उन्होंने वादा किया था कि उसके वंशज कनान की भूमि को प्राप्त करेंगे।