यहोशुआ 17:3
“परन्तु हेपेर जो गिलाद का पुत्र, माकीर का पोता, और मनश्शे का परपोता था, उसके पुत्र सलोफाद के बेटे नहीं, बेटियाँ ही हुईं; और उनके नाम महला, नोवा, होग्ला, मिल्का, और तिर्सा हैं।”
संदर्भ: यहोशुआ 17
1फिर यूसुफ के जेठे मनश्शे के गोत्र का भाग चिट्ठी डालने से यह ठहरा। मनश्शे का जेठा पुत्र गिलाद का पिता माकीर योद्धा था, इस कारण उसके वंश को गिलाद और बाशान मिला।
2इसलिए यह भाग दूसरे मनश्शेइयों के लिये उनके कुलों के अनुसार ठहरा, अर्थात् अबीएजेर, हेलेक, अस्रीएल, शेकेम, हेपेर, और शमीदा; जो अपने-अपने कुलों के अनुसार यूसुफ के पुत्र मनश्शे के वंश में के पुरुष थे, उनके अलग-अलग वंशों के लिये ठहरा।
3परन्तु हेपेर जो गिलाद का पुत्र, माकीर का पोता, और मनश्शे का परपोता था, उसके पुत्र सलोफाद के बेटे नहीं, बेटियाँ ही हुईं; और उनके नाम महला, नोवा, होग्ला, मिल्का, और तिर्सा हैं।
4तब वे एलीआजर याजक, नून के पुत्र यहोशू, और प्रधानों के पास जाकर कहने लगीं, यहोवा ने मूसा को आज्ञा दी थी, कि वह हमको हमारे भाइयों के बीच भाग दे। तो यहोशू ने यहोवा की आज्ञा के अनुसार उन्हें उनके चाचाओं के बीच भाग दिया।
5तब मनश्शे को, यरदन पार गिलाद देश और बाशान को छोड़, दस भाग मिले;
यहोशुआ 17 के बारे में: मनस्सेह का क्षेत्र

जोशुआ ने मनासे और बेंजामिन की जातियों को चीज के द्वारा कनान की भूमि का आवंटन किया।
व्याख्या
यहोशुआ 17 उस समय की कहानी है जब मनाशे कबीले को भूमि का हिस्सा दिया गया। यह अध्याय भगवान की वफादारी का एक स्मरण है जिसमें उसने अपने वायदों को अपने लोगों के प्रति पूरा किया। प्रभु ने इस्राएलियों को कानान देने का वायदा किया था, और उन्होंने अपने वाचन पर वफादार रहा।
यह अध्याय मनाशे कबीले को भूमि का हिस्सा देने से शुरू होता है। भूमि को मनाशे के सात जनजातियों में बाँट दिया गया था, और प्रत्येक जनजाति को एक हिस्सा मिला। यह भगवान की वफादारी का संकेत था उनके लोगों के प्रति, क्योंकि उन्होंने इन्हें कानान की भूमि देने का वायदा किया था।