न्यायियों 13:10
“तब उस स्त्री ने झट दौड़कर अपने पति को यह समाचार दिया, “जो पुरुष उस दिन मेरे पास आया था उसी ने मुझे दर्शन दिया है।””
संदर्भ: न्यायियों 13
8तब मानोह ने यहोवा से यह विनती की, “हे प्रभु, विनती सुन, परमेश्वर का वह जन जिसे तूने भेजा था फिर हमारे पास आए, और हमें सिखाए कि जो बालक उत्पन्न होनेवाला है उससे हम क्या-क्या करें।”
9मानोह की यह बात परमेश्वर ने सुन ली, इसलिए जब वह स्त्री मैदान में बैठी थी, और उसका पति मानोह उसके संग न था, तब परमेश्वर का वही दूत उसके पास आया।
10तब उस स्त्री ने झट दौड़कर अपने पति को यह समाचार दिया, “जो पुरुष उस दिन मेरे पास आया था उसी ने मुझे दर्शन दिया है।”
11यह सुनते ही मानोह उठकर अपनी पत्नी के पीछे चला, और उस पुरुष के पास आकर पूछा, “क्या तू वही पुरुष है जिसने इस स्त्री से बातें की थीं?” उसने कहा, “मैं वही हूँ।”
12मानोह ने कहा, “जब तेरे वचन पूरे हो जाएँ तो, उस बालक का कैसा ढंग और उसका क्या काम होगा?”
न्यायियों 13 के बारे में: सैमसन का जन्म

सारांश: सैमसन का जन्म होता है और उसे भगवान के लिए नजीराईट के रूप में समर्पित किया जाता है।
व्याख्या
न्यायियों १३ न्यायी ग्रंथ का एक अध्याय है जो सैमसन का जन्म कहानी सुनाता है। यह मनोआ और उनकी पत्नी की कहानी के साथ शुरू होता है, जो बाँझ थे और संतान पैदा करने में असमर्थ थे। प्रभु का एक दूत मनोआ की पत्नी के सामने प्रकट होता है और उसे बताता है कि वह गर्भवती होगी और एक पुत्र को जन्म देगी। दूत उसे यह भी बताता है कि यह पुत्र नजीराइट होगा, जो ईश्वर के सेवा के लिए अलग किस्म के इस्राएली है।
दूत मनोआ और उसकी पत्नी को बच्चे की परवरिश के लिए निर्देश देता है, जिसमें यह शामिल है कि उसे कभी अपने बाल काटने नहीं चाहिए और कि उसे शराब और मज़बूत पीने से अलग रहना चाहिए। मनोआ और उनकी पत्नी निर्देशों का पालन करते हैं और सैमसन का जन्म होता है।