न्यायियों 17:7

“यहूदा के कुल का एक जवान लेवीय यहूदा के बैतलहम में परदेशी होकर रहता था।”
— न्यायियों 17:7 (Eliot Indian Bible)

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संदर्भ: न्यायियों 17

5मीका के पास एक देवस्थान था, तब उसने एक एपोद, और कई एक गृहदेवता बनवाए; और अपने एक बेटे का संस्कार करके उसे अपना पुरोहित ठहरा लिया

6उन दिनों में इस्राएलियों का कोई राजा न था; जिसको जो ठीक जान पड़ता था वही वह करता था।

7यहूदा के कुल का एक जवान लेवीय यहूदा के बैतलहम में परदेशी होकर रहता था।

8वह यहूदा के बैतलहम नगर से इसलिए निकला, कि जहाँ कहीं स्थान मिले वहाँ जा रहे। चलते-चलते वह एप्रैम के पहाड़ी देश में मीका के घर पर आ निकला।

9मीका ने उससे पूछा, “तू कहाँ से आता है?” उसने कहा, “मैं तो यहूदा के बैतलहम से आया हुआ एक लेवीय हूँ, और इसलिए चला जाता हूँ, कि जहाँ कहीं ठिकाना मुझे मिले वहीं रहूँ।”

न्यायियों 17 के बारे में: मिका की मूर्तिपूजा

न्यायियों 17: मिका की मूर्तिपूजा

इस्राएलियों फिर से अन्य देवताओं की पूजा करते हैं और उनके दुश्मनों द्वारा दबाए जाते हैं।

व्याख्या

न्यायियों के अध्याय 17 में, हम माइका और लेवाइय की कहानी देखते हैं। माइका एफ्राईम कबीले का एक व्यक्ति है जिसने अपने लिए एक मूर्ति बनाई है और एक लेवाइय को अपने पुजारी के रूप में रखने के लिए किराया किया है। यह भगवान के कानून का प्रत्यक्ष उल्लंघन है, जिसमें कहा गया है कि केवल लेवाइय पुजारी के रूप में सेवा करेंगे। लेवाइय माइका के पुजारी के रूप में सेवा करने के लिए सहमत हो जाता है, और माइका अपने घर में एक मंदिर स्थापित कर लेता है।

फिर कहानी दानियों पर चलती है, जो एक स्थान की तलाश में हैं। उन्हें माइका के मंदिर का पता चलता है और लेवाइय से पूछते हैं कि क्या वे इसका उपयोग अपने पूजा स्थल के रूप में कर सकते हैं। लेवाइय सहमत हो जाता है, और दानियों मूर्ति और पुजारी के साथ उन्हांके साथ ले जाते हैं।

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