लूका 1:28
“और स्वर्गदूत ने उसके पास भीतर आकर कहा, “आनन्द और जय तेरी हो, जिस पर परमेश्वर का अनुग्रह हुआ है! प्रभु तेरे साथ है!””
संदर्भ: लूका 1
26छठवें महीने में परमेश्वर की ओर से गब्रिएल स्वर्गदूत गलील के नासरत नगर में,
27एक कुँवारी के पास भेजा गया। जिसकी मंगनी यूसुफ नाम दाऊद के घराने के एक पुरुष से हुई थी: उस कुँवारी का नाम मरियम था।
28और स्वर्गदूत ने उसके पास भीतर आकर कहा, “आनन्द और जय तेरी हो, जिस पर परमेश्वर का अनुग्रह हुआ है! प्रभु तेरे साथ है!”
29वह उस वचन से बहुत घबरा गई, और सोचने लगी कि यह किस प्रकार का अभिवादन है?
30स्वर्गदूत ने उससे कहा, “हे मरियम; भयभीत न हो, क्योंकि परमेश्वर का अनुग्रह तुझ पर हुआ है।
लूका 1 के बारे में: योहान के जन्म की भविष्यवाणी

लूक लेखक एक प्रस्तावना लिखते हैं, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका इंजील उन लोगों के प्रमाण पर आधारित है जिन्होंने शाक्षी बनकर और शब्द के सेवक रहकर देखा था।
व्याख्या
लूका 1 पवित्र बाइबल का नए नियम का हिस्सा है, जिसकी पहली अध्याय है। यह अध्याय लूका नामक लेखक के एक संक्षिप्त परिचय से शुरू होता है, जिनका गोसपेल लिखने के उद्देश्य काफी चर्चा करता है। उसने बताया है कि वह वे घटनाएं जिन्हें वह रिकॉर्ड करने जा रहा है, सावधानी से जांची है और जीवन जीसस की व्यवस्थित विवरण प्रदान करने के लिए लिख रहा है।
फिर यह अध्याय जखरियाह और एलिजाबेथ की कहानी पर जाता है, जो दो बुजुर्ग लोग थे जिन्हें बच्चे नहीं हो सकते थे। एक फरिश्ता जखरियाह के पास आता है और उसे बताता है कि उसका और एलिजाबेथ का एक बेटा होगा, जिसका नाम जॉन होगा। जखरियाह पहले संदेही है, लेकिन फरिश्ता उसे आश्वासन देता है कि यह होगा।